कोरोना महामारी के बीच शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर के स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों की रैंकिंग जारी की है। जिसमें फरीदाबाद 46वें स्थान पर आया है। पिछले बार इसकी रैंंकिंग 77वें स्थान पर थी। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों की मानें तो पिछले करीब साढ़े चार साल में 368 करेाड़ रुपए के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। जबकि 600 करेाड़ के विकास कार्य अभी पाइपलाइन में हैं। अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले नियमित कार्योें को आधार बनाकर रैंकिंग जारी की है। आने वाले वर्षों में फरीदाबाद की रैंकिंग में और सुधार होगा।
कुछ चुनिंदा एरिया ही स्मार्ट सिटी में है शामिल
बता दें कि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड में अधीन शहर में कुछ चुनिंदा एरिए को शामिल किया गया है। इन एरिया को पांच साल में स्मार्ट बनाना है। फरीदाबाद में कुल 1267 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है।जिसमें गांव, स्लम, सेक्टर, रेलवे स्टेशन, इंडस्ट्रियल सेक्टर आदि शामिल है। रेट्रोफिटिंग के तहत बडखल झील, सेक्टर 21 डी, 21बी, फतेहपुर चंदीला, संत नगर, सेक्टर 19, फरीदाबाद रेलवे स्टेशन, सेक्टर 20, 20ए व अजरौंदी गांव को शामिल किया गया है। पांच साल में इन सभी इलाकों को स्मार्ट सिटी के रूप विकसित करना है।
योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति को बनाया है आधार
स्मार्ट सिटी लिमिटेड कीसीईओ डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि पहले स्मार्ट सिटी मिशन हर सप्ताह, 15 दिन और महीने की रैंकिंग जारी करता था। लेकिन, अब हर समय रैंकिंग ऑनलाइन अपडेट की जाती है। रैंकिंग के लिए स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति को आधार बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए अंक निर्धारित कर रैंकिंग तय की जाती है। इनमें स्मार्ट सिटी की चयनित परियोजना के टेंडर प्रक्रिया का निष्पादन, कार्यादेश जारी करना, परियोजना पूरी करना, फंड का आवंटन, एसपीवी ट्रांसफर करना, फंड खर्च करना, उपयोगिता प्रमाण पत्र देना, जीपीएस टैगिंग करना, सिटी लेवल एडवाइजरी फोरम की बैठक करना समेत अन्य चीजें शामिल हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत तेेजी से हो रहे काम
कंपनी की सीईओ ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड अब तक 368 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य को पूरा कर लिया है। जिसमें सड़क बनाना, पार्कों को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट रोड, संत नगर स्लम को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट टॉयलेट, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करना और 1400 कैमरे लगा कर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था केा दुरुस्त करने तक का काम तेजी से किया गया है।
600 करोड़ रुपये के विकास कार्य पाइपलाइन में
उन्होंने बताया कि कंपनी लगातार विकास कार्यों पर जोर दे रही है। अभी करीब छह सौ करोड़ के विकास कार्योें के टेंडर जारी हो चुके हैं। हाल ही में पानी की व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए स्काडा सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके अलावा मेट्रो कॉरिडोर में मेट्रो पिलर का सौंदर्यीकरण कराने का काम शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि एक साल में 31 अंक का सुधार आना हमारे लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि अगले वर्ष में हमारी रैंकिंग और बेहतर होगी।
