दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से भेजे गए बिजली के बिल उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका दे रहे हैं। निगम की तरफ से बगैर रीडिंग से लेकर एवरेज आधार पर दिए गए बिलों में न केवल त्रुटियां है अपितु अंधेरगर्दी की भी हद पार कर दी गई। शहर के सेक्टर 5 के एक दुकानदार को निगम ने पहले 64 लाख और उसके बाद दोबारा बिल चेक किया तो वही बिल सुधारने की बजाय 65 लाख कर दिया गया है। पीड़ित उपभोक्ता परेशान है लेकिन निगम की तरफ से गलती नही सुधारी जा रही है। शहर के सेक्टर 5 के दुकानदार संदीप कुमार के समय होश उड़ गए जब उन्होंने अपना बिजली का बिल देखा।निगम की तरफ से पहले उन्हें मैसेज के जरिए बिल भेजा गया था, जिसको निगम की साइट पर देखने के बाद 64 लाख रुपए का था। तत्पश्चात अब निगम की तरफ से दोबारा भी दिल भेजा गया है वह भी इतनी ही राशि का ही है लेकिन सोमवार को जब बिल का स्टेटस चेक किया गया तो संदीप की समस्या दूर होने की वजह और अधिक उलझ गई। निगम ने पहले बिल 64 लाख रुपए का दिया था उसे दुरुस्त करने की बजाय उसमें 1 लाख रुपए की राशि और जोड़ते हुए उसे 65 लाख रुपए का बना दिया।
बिजली खपत 9 लाख यूनिट- बिजली निगम की तरफ से भेजे गए संदीप कुमार के बिल में अंधेरगर्दी की सीमाएं पार कर दी हैं, उन्हें 65 लाख रुपए का जो बिल भेजा गया है उसमें बिजली की खपत 9 लाख 93 हजार यूनिट भेजी गई है।
तकनीकी त्रुटि संभव, उपभोक्ता करें शिकायत, तत्काल किया जाएगा समाधान : एक्सईएन
निगम के कार्यकारी अभियंता सत्यवीर यादव ने बताया कि इतनी अधिक राशि का बिल आना निश्चित रूप से कोई तकनीकी त्रुटि है। उपभोक्ता इस बाबत शिकायत करें और बिल्कुल सही करा सकता है। हम भी अपने स्तर पर जांच करेंगे कि किस स्तर पर इतनी बड़ी त्रुटि हुई है। इस बार अधिकतर बिल एवरेज बेस के आधार पर भेजे गए हैं इसलिए इस तरह की गलती संभव है
