
दिल्ली विश्वविद्यालय व कालेजों में 13 सितंबर से छात्रों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीसी जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार को सभी कालेजों के प्राचार्य और विभागों के विभागाध्यक्ष के साथ बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि 13 सितंबर से छात्रों के लिए कालेज खोले जाएं। पहले अंतिम वर्ष के विज्ञान संकाय के छात्रों को प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। छात्र लाइब्रेरी और प्रयोगशाला का प्रयोग कर सकेंगे।
यह पूरी तरह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वे कालेज आना चाहते हैं या नहीं। कक्षाएं पूर्व की भांति आनलाइन ही चलेंगी। बकौल कार्यवाहक कुलपति बड़ी संख्या में डीयू के छात्र विभिन्न राज्यों में रहते हैं। हम नहीं चाहते कि कालेजों में अचानक भीड़ बढ़ जाए। इसलिए त्योहारों तक कक्षाएं आनलाइन ही चलेंगी। यदि कोरोना की संभावित तीसरी लहर नहीं आती है और सभी छात्र तब तक टीका लगवा लेते हैं तो आफलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी। इस बाबत एक दो दिन में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों के लिए एक राहत
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर है। पूर्वी दिल्ली के ताहिरपुर में एसओएल का नया केंद्र बनाया जाएगा। केंद्र की सात मंजिला इमारत आनलाइन पढ़ाई की प्रत्येक जरुरतों का ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी। अगामी 16 महीनों में इमारत बनकर तैयार हो जाएगी। शिलान्यास कार्यक्रम में कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीसी जोशी, कुलसचिव डा विकास गुप्ता, डीन आफ कालेज प्रो. बलराम पाणि, एसओएल ओएसडी प्रो. उमाशंकर पांडेय मौजूद थे।
आनलाइन पढ़ाई की सुविधाएं
प्रो. उमाशंकर पांडेय ने बताया कि ई लर्निंग को ध्यान में रखकर नए केंद्र की इमारत का डिजाइन बनाया गया है। एक ई लैब भी बनाई जाएगी। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत हो रही इस पढ़ाई में आडियो विजुअल लेक्चर के अलावा छात्रों के कौशल विकास की पढ़ाई के लिए भी यह लैब काफी उपयुक्त होगी। इसके अलावा यहां पुस्तकालय, आधुनिक कक्षाएं, कंटेट डेवलेपमेंट सेंटर भी बनेगा। पहले भी डीयू के एसओएल के लिए ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल में आडियो वीडियो लेक्चर विशेषज्ञ तैयार करते थे। बेसमेंट में दो फ्लोर पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी। प्रो. उमाशंकर पांडेय ने कहा कि 16 महीने में यह इमारत तैयार हो जाएगी। इसके निर्माण की लागत लगभग 26 करोड़ आएगी। यह खर्च डीयू और एसओएल ही वहन करेंगे।
-40 फीसदी छात्र यमुनापार से आते हैं डीयू के एसओएल में
– 26 करोड़ से ज्यादा की लागत से बनेगा आधुनिक शिक्षण संस्थान
– 4 लाख से ज्यादा छात्र एसओएल में इस समय हैं
-5 स्नातक के और पांच स्नातकोत्तर के कोर्स का संचालन होता है एसओएल में
