
पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस इस्तीफे के बाद कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसके पीछे कोई तो यह कयास लगा रहा है कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह को कांग्रेस को करीब जाने से रोकने के लिए राहुल का यह एक ब्रह्मस्त्र है, जबकि यह भी चर्चा है कि सिद्धू का कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल में लेने पर ऐतराज था, जिसके कारण यह कदम उठाया गया।
एक और विवाद पिछले दिनों से चल रहा है, जिसके चलते सिद्धू खुश नहीं है। पंजाब में राणा गुरजीत जिन पर माइनिंग को लेकर आरोप लग चुके हैं तथा उन्हें कैप्टन सरकार में इस्तीफा देना पड़ा है को दोबारा मंत्रिमंडल में लिए जाने पर भी विवाद कांग्रेस के अंदर सुलग रहा है। इसके अलावा एडवोकेट जनरल ए.पी.एस. देयोल, जिनके पास सुमेध सैनी का केस है, उन्हें लेकर भी कांग्रेस में विरोध चल रहा है। सिद्धू जहां पाक साफ प्रशासन का दावा कर रहे थे, वहीं राणा गुरजीत तथा देयोल को लेकर विरोधियों के साथ-साथ पार्टी के अंदर भी विरोध चल रहा है। यह सब मामला पिछले 5 दिन में ही हुआ है और सिद्धू कह चुके थे कि वह भ्रष्टाचार किसी भी मामले पर बर्दाश्त नहीं करेंगे, लेकिन राणा गुरजीत तथा ए.पी.एस. देयोल की एंट्री ने सिद्धू को असहज कर दिया, जिसके कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है।
News Source : punjabkesari
