
चंडीगढ़ : केंद्रीय ऊर्जा एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि फरीदाबाद में सड़कों व पुलों का बेहतरीन जाल बिछाया जा रहा है। इससे यहां विकास के नए रास्ते खुलेंगे और लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। केंद्रीय राज्यमंत्री बुधवार को 20.80 करोड रुपये की लागत से बनाए गए छह लेन के खेड़ी पुल का उद्घाटन करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद व नहरपार क्षेत्र को जोड़ने के लिए खेड़ी पुल काफी संकरा था और काफी जर्जर हालत में था। यह पुल ओल्ड फरीदाबाद को सेक्टर 17,18,19 व नहर पार के सेक्टर 85, 86, 87, 88, बीपीटीपी, भुपानी गांव, जसाना, सिडोला व मंझावली को जोड़ता है। ऐसे में इस पुल से भारी संख्या में ट्रैफिक का आवागमन होता है और पुल संकरा होने की वजह से हमेशा जाम लगा रहता था। लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर ने इस पुल की मंजूरी दी और आज यह पुल तैयार होकर जनता को समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छह लेन के इस पुल पर पैदल यात्रियों के चलने के लिए 5-5 फुट के फुटपाथ भी बनाए गए हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में फरीदाबाद जिला में सड़कों व पुलों के विकास को लेकर बेहतरीन कार्य हुए हैं । दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण शुरू हो चुका है। फरीदाबाद से केजीपी व ताज एक्सप्रेस वे को जोड़ने के लिए एक नया हाईवे मंजूर किया गया है। इससे शहर के विकास को एक नया रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि कालिंदीकुंज से मंझावली तक नहरों पर 4 लेन रोड तो बन गया लेकिन चार पुलिया ऐसी बच गई जिनकी चौड़ाई दस फीट से भी कम है। इससे हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसी चार पुलिया को फोरलेन करने के लिए 17 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच मैट्रो को मंजूरी मिल चुकी है। शहर की सभी कॉलोनियों में भी सीवरेज का कार्य जल्द पूरा होगा। उन्होंने कहा कि शहर की जितनी भी सड़कें खराब हैं अगले दो महीने में वह सभी बनकर पूरी हो जाएंगी। इस अवसर पर फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
—————————————————————————————–
चण्डीगढ़ – हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों व संस्थाओं का आह्वान किया है कि वे नवीनतम प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरतमन्द हर व्यक्ति तक पहुंच बनाएं ताकि सबको बेहतर सेवाओं का लाभ मिले। श्री दत्तात्रेय बुधवार को विज्ञान भारती, उन्नत भारत अभियान और सेंटर फॉर इनोवेशन एंड बायो- डिजाइन द्वारा संयुक्त रूप से समावेशी और किफायती स्वास्थ्य सुविधा विषय पर आयोजित वर्चुअल सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में गत दिनों प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत सभी नागरिकों की हैल्थ आईडी तैयार होगी और सबके स्वास्थ्य का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इस मिशन के शुरू होने से देश मे दूर दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाएंगी।
उन्होनें इंजीनियर, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों से अपील की है कि वे नवाचार, अनुसंधान, सुधार और प्रदर्शन की गति को बनाए रखें। यह भी कहा है कि किफायती चिकित्सा सुविधाएं हर नागरिका का अधिकार है इसके लिए विगत वर्षा में कई प्रकार की योजनाएं तैयार की गई है। जिनमें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीष्य ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन तथा अन्य योजनाएं शामिल हैं ।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि आज के संदर्भ में प्रौद्योगिकी व डिजिटल सेवाएं बहुत प्रासंगिक हैं । पूरे विश्व ने कोविड-19 महावारी के दौरान प्रौद्योगिकी को समझा और इसका प्रयोग किया है। निश्चित रूप से इस तकनीक का लाभ कोविड-19 महामारी से बचाव का प्रयोग किया गया है। उन्होनें यह सम्मेलन आयोजित करने पर आयोजकों को शुभकामनाएं दी और कहा कि सभी संस्थाएं स्वस्थ समृद्ध और सशक्त भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान दें।
————————————————–
चण्डीगढ़ – हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बुधवार को राजभवन में उनकी मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और लोगों के सुख, समृद्धि व शान्ति की कामना की है। इस मौके पर उनके साथ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री विजय सांपला ने भी महर्षि वाल्मीकि जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और याद किया।उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी आदि कवि यानि पहले कवि थे, जिन्होंने रामायण महाकाव्य की रचना की। महर्षि वाल्मीकि जी ने धार्मिक ग्रंथ रामायण की रचना कर भारतीय संस्कृति की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी ने रामायण के आदर्शो से सच्चाई और मर्यादा को निभाने का प्रण लेना चाहिए ताकि हम मर्यादा पुरूषोतम श्री राम के बताए रास्ते पर चलें।उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण में समानता, समरसता और सदभाव का संदेश दिया है। वर्तमान में भी रामायण की प्रासंगिकता को देखते हुए हम सभी देश व समाज की मजबूती के लिए काम करें ताकि देश में समानता, सद्भाव व भाईचारा मजबूत हो और भारतवर्ष को विश्वगुरू का दर्जा प्राप्त हो।
——————————————————-
गाय के गोबर से बने खाद को किसानों तक पहुंचाएगी हरियाणा सरकार- कृषि मंत्री
चण्डीगढ़ – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी.दलाल ने कहा कि प्रदेश के किसानों को जैविक खेती अपनाने एवं गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जायेंगे।दलाल ने यह बात आज यहां रसायनिक डीएपी के विकल्प जैविक प्रोम के भविष्य की कार्य योजना पर आयोजित ऑनलाइन वेबीनार में वर्चुअल माध्यम से कही।उन्होंने कहा कि गौ अनुसंधान केंद्र में तैयार और डीएपी के विकल्प जैविक प्रोम का सर्टिफिकेशन किया जाए। इस खाद के मानक प्रमाणित होने पर हरियाणा सरकार प्रमाणिक तौर पर तैयार खाद को किसानों तक पहुंचाएगी। यह जैविक खेती में एक जबरदस्त क्रांति का काम करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमें पारंपरिक गौ आधारित खेती पर जोर देना होगा। फास्फेट आधारित गाय के गोबर से बनी इस प्रोम खाद को पूरी तरह से किसी विश्वसनीय लैब से टेस्टिंग करवाई जानी चाहिए तथा खेतों में इसका एक ट्रायल के तौर पर प्रयोग करके किसानों को इस तरह के खाद की आवश्यकता से रूबरू कराना होगा। यह खाद निश्चित तौर पर रासायनिक डीएपी से काफी सस्ती व ज्यादा कामयाब साबित हो सकती है। अगर हम इस दिशा में कामयाब होते हैं तो निश्चित तौर पर हरियाणा देश में पहला राज्य होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितो के लिए हर संभव कदम उठाने को कृत संकल्प है और जैविक खेती आज के समय की आवश्यकता है। गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए गाय के गोबर से जैविक खाद तैयार करने और गौमूत्र के प्रासंगिक उपयोग के लिए अनुसंधान पर अधिक जोर दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने बताया कि आधुनिक समय में निरन्तर बढ़ती हुई जनसंख्या, पर्यावरण प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति का संरक्षण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती की राह अत्यन्त लाभदायक है। मानव जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए नितान्त आवश्यक है कि प्राकृतिक संसाधन प्रदूषित न हों, शुद्ध वातावरण रहे एवं पौष्टिक आहार मिलता रहे, इसके लिए हमें जैविक खेती की कृषि पद्धतियाँ को अपनाना होगा जोकि हमारे प्राकृतिक संसाधनों एवं मानवीय पर्यावरण को प्रदूषित किए बगैर समस्त जनमानस को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा सकें।
श्री दलाल ने कहा कि रासायनिक खादों से जमीन की उपजाऊ शक्ति कम होने के साथ-साथ फसलों की पैदावार भी कम होती जाती है और पर्यावरण भी दूषित होता है जिससें बिमारियों के फैलने का खतरा रहता है। इसलिए किसानों को अपनी फसलों में जैविक खाद को बढ़ावा देना चाहिए। हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय के गोबर को भी धन माना गया है। हजारों वर्षों से हमारी कृषि गोबर, गोमूत्र पर आधारित रही है। विभिन्न संगठनों द्वारा जैविक खेती के विभिन्न आयामों पर कार्य चल रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डाॅ केतकी बापट, भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डाॅ प्रवीन मलिक, हरियाणा पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अंकुर गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डाॅ हरदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी वेबिनार में वर्चुअल माध्यम से जुड़े ।
—————————————————————
आध्यात्मिक ज्ञान, कठोर तप व त्याग की भावना से परिपूर्ण महर्षि वाल्मीकि के जीवन का प्रत्येक पहलू प्रेरणादायक: राज्यमन्त्री अनूप धानक
चंडीगढ़ – हरियाणा के श्रम-रोजगार एवं पुरातत्व-संग्रहालय राज्यमन्त्री अनूप धानक ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान, कठोर तप व त्याग की भावना से परिपूर्ण महर्षि वाल्मीकि एक महान ऋषि बने, जिन्होंने अपने दिव्य ज्ञान से पवित्र ग्रन्थ रामायण की रचना कर अपनी भविष्य की पीढ़ियों को धर्म, आध्यात्मिकता व चरित्रवान बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐसे ही महान ऋषियों के जीवन और उनकी अमूल्य शिक्षाओं की मजबूत नींव पर स्थापित है । महर्षि वाल्मीकि जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्होंने यह बात कही। राज्यमन्त्री ने सर्व समाज के लोगों से महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चलने और अपने बच्चों को शिक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चलते हुए वर्तमान हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवा रही है। सरकार ने सर्वसमाज विशेषकर वंचित वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया है। इन नीतियों व कार्यक्रमों का व्यापक असर हुआ है और वंचित वर्गों के जीवन मे सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
——————————————————
महर्षि वाल्मीकि को नमन कर मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्श विचार सदैव समाज को प्रेरित करते रहेंगे। सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय पर आधारित उनके महान विचार आज भी समाज को दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं। महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने युवाओं को उनके आदर्श विचारों का अनुसरण करने का आह्वान किया। इससे पूर्व उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान उनके साथ शिक्षा मंत्री श्री कंवरपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री विजय सांपला और बवानीखेड़ा से विधायक श्री बिशम्भर सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना कर गौरवशाली संस्कृति को संजोने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस महाकाव्य में उन्होंने प्रेम, त्याग, तप व यश की भावनाओं का महत्व बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाव्य रामायण हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस दौरान बवानीखेड़ा के विधायक श्री बिशम्भर सिंह ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को महाकाव्य रामायण की एक प्रति भी भेंट की।
