
देश में जातिवाद को खत्म करने लिए केंद्र व राज्य सरकारें कई तरह की योजनाओं पर काम करती रहती है। आज हम आपकों हरियाणा सरकार की एक ऐसी ही योजना के बारे में जानकारी देंगे। बता दें कि, हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से प्रदेश में अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़े को मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।समाज से जात-पात के भेदभाव को खत्म करने एवं आपसी प्रेम को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत मिलने वाली राशि दम्पत्ति के नाम संयुक्त सावधि जमा (एफडी) के रूप में दी जाएगी। इस प्रोत्साहन राशि को विवाह के तीन साल बाद निकाला जा सकेगा।
हरियाणा अंतरजातीय विवाह योजना के लाभ- Benefits of Intercaste Marriage Scheme
- इस योजना के तहत विवाहित जोड़े को सरकार द्वारा ढाई लाख रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे।
- अस्पृश्यता निवारण रोकने के लिये अन्तर्जातीय विवाह को प्रोत्साहन देना सरकार का उद्देश्य है।
- इस योजना से जातिवाद खत्म होगा।
हरियाणा अंतरजातीय विवाह योजना की पात्रता की शर्तें- Terms of Intercaste Marriage Scheme
- इस योजना का लाभ लेने के लिए दम्पत्ति में से एक अनुसूचित जाति से संबंधित होना चाहिए।
- एक गैर-अनुसूचित जाति का होना चाहिए।
- वह हरियाणा का स्थाई निवासी भी होना जरूरी है।
हरियाणा अंतरजातीय विवाह योजना के लिए जरुरी दस्तावेज- Documents required for Intercaste Marriage Scheme
- आधार कार्ड- इस योजना का लाभ उठाने के लिए दंपति का आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
- वोटर कार्ड- योजना के लिए आवेदन करने वाले विवाहित जोड़े का वोटर कार्ड होना आवश्यक है।
- युवक-युवती की पासपोर्ट साइज फोटो जम करानी होगी।
- बैंक पासबुक की कॉपी जमा करानी होगी।
हरियाणा अंतरजातीय विवाह योजना के लिए ऐसे करें आवेदन- Registration process of Intercaste Marriage Scheme
- योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदनकर्ता को ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
- वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद आपको अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन हेतु ऑनलाइन आवेदन फार्म दिखाई देगा ।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें। जानकारी पूछी गई सभी जानकारी ध्यान से भरें।
- कोई भी जानकारी गलत नहीं होनी चाहिए यदि ऐसा होता है तो आपका फॉर्म गलत माना जाएगा।
- विवाहित दम्पत्ति में वर अथवा वधु, जिसमें एक सवर्ण हो एवं दूसरा अनुसूचित जाति का हो को योजना का लाभ लेने के लिये जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
- आवेदन के साथ विवाह, उम्र, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र संलग्न होने चाहिये। आवेदन पत्रों के परीक्षण के बाद दम्पत्तियों का चयन किया जाएगा।
Source News: chopaltv
