
दुनिया भर में कोरोना के नए ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट का खतरा मंडरा रहा है. दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुए इस नए वेरिएंट की भारत समेत कई देशों में दस्तक हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इसे ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में डाल चुका है. इन सबके बीच WHO को एक और चिंता सता रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को यह चिंता जताई कि ओमिक्रॉन आने से भयभीत अमीर देश कोविड-19 टीकों की जमाखोरी कर सकते हैं. इससे टीकों की वैश्विक आपूर्ति फिर से धीमी पड़ सकती है और महामारी को खत्म करने के प्रयास में बाधा आएगी.
पूरे साल आपके कदम चूमेंगी सफलताएं, नए साल से पहले जान लें ये बेहद जरूरी बातें
टीकाकरण पर अपनी विशेषज्ञ समिति की एक बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने लोगों को व्यापक स्तर पर बूस्टर खुराक देने के खिलाफ सरकारों को दी गई अपनी सलाह दोहराई. इससे जिन देशों के पास टीके का अच्छा खासा भंडार है वे इसे कम आय वाले देशों को भेजें, जहां बड़े पैमाने पर इन टीकों का अभाव है. WHO के टीकाकरण, टीका और जीव विज्ञान संबंधी विभाग की प्रमुख डॉ. केट ओ ब्रायन ने कहा, ‘महामारी को रोकने के लिए जोखिम ग्रस्त आबादी में हर किसी का टीकाकरण होगा.
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन के चलते पैदा हुई स्थिति में अधिक आय वाले देश अपनी सुरक्षा के लिए टीकों की वैश्विक आपूर्ति एक बार फिर से रोक सकते हैं. लेकिन इससे उन्हें लाभ नहीं होने जा रहा. उन्होंने चिंता जताई कि कुछ अमीर देश अपनी आबादी का पूर्ण टीकाकरण करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब तक सभी देशों को टीका नहीं मिलेगा, संक्रमण को रोकने में यह कदम सार्थक नहीं होगा
Source News: rkhulasa
