
ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। कुछ दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव दिख हो रहा है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सजगता जरूरी है। खासकर बीमार, बुजुर्ग व बच्चों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक डा. हर्षवर्घन ने कहा ठंड में श्वांस और हृदय रोगियों को काफी परेशानियां होती है।
ब्लड प्रेशर बढऩे, हाइपोथर्मिया और नसों व जोड़ों का दर्द भी बढऩे लगता है। ठंड से बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। खांसी, जुकाम के साथ फेफड़ों में इंफेक्शन और श्वासं की नली में सूजन से सांस फूलने (क्रोनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज-सीओपीडी) की दिक्कत होती है। डा. हर्षवर्धन ने कहा ठंड बढऩे से हाइपोथर्मिया होने का डर रहता है। बीमारी में ब्लड प्रेशर कम होने और शरीर के विभिन्न अंगों के ठीक से काम करने में परेशानी होने लगती है। खून की नसें सिकुडऩे की वजह से ब्लड प्रेशर बढऩे से हार्ट अटैक का डर भी रहता है। बच्चों में निमोनिया के साथ ही डायरिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। लिहाजा अधिक सर्तकता की जरूरत है।
इस तरह रहें सुरक्षित
डा. हर्षवर्धन बताते हैं कि ज्यादा ठंड में सुबह या शाम नहीं टहलें। बाहर गर्म कपड़े पहनकर निकलें। इम्युनिटी बढ़ाने के हाइ प्रोटीन डायट लें। मोटी दाल और विटामिन सी युक्त मौसमी फल खानपान में शामिल करें। गुनगुना पानी नियमित अंतराल पर पीते रहें। बीपी, हर्ट, डायबिटिज की दवा लेते हैं तो इसे नियमित करें। नियमित अंतराल पर चिकित्सों से सलाह लें।
ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
– हमेशा शारीरिक-दूरी का पालन करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– नियमित रूप से मास्क का उपयोग करें।
– घर से सैनिटाइजर साथ रखकर ही निकलें।
– बार-बार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
-डाक्टर से पूछकर ही दवाइयां लें।
-किसी तरह का लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच कराएं।
Source News: jagran
