
EVM Name in Hindi: भारत में हर चुनाव के बाद EVM को लेकर विवाद छिड़ जाता है. हाल ही में उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे. भारत में हाल के दिनों में ईवीएम को लेकर जितना विवाद हुआ है, उतना विवाद पहले शायद ही हुआ है. आज हम आपको इसके इतिहास और इसके हिंदी नाम के बारे में बताएंगे. आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि बड़े-बड़े जानकार भी ईवीएम का हिंदी नाम नहीं जानते हैं.
साल 1980 में हुआ ईवीएम का अविष्कार
साल 1980 में एम बी हनीफा द्वारा ईवीएम का अविष्कार किया गया था. इसका पंजीकरण 15 अक्तूबर 1980 को चुनाव आयोग द्वारा करवाया गया. सबसे पहले तमिलनाडु में आयोजित होने वाली सरकारी प्रदर्शनी में देश की जनता ने ईवीएम को देखा था. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की मदद से इसे बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई. सबसे पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल साल 1982 में हुआ. केरल के परावुर विधानसभा के 50 मतदान केंद्रों पर सबसे पहले इससे वोट डाले गए थे. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस चुनाव में भी एक उम्मीदवार ने अपनी हार का जिम्मेदार ईवीएम को बताया था.
ईवीएम से पहले होता था बैलेट पेपर का इस्तेमाल
भारत में अब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव ईवीएम के द्वारा ही करवाए जाते हैं. इससे पहले पंचायत चुनावों की तरह लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव करवाए जाते थे. हालांकि बैलेट पेपर के माध्यम से कराये गए मतदान में अधिक समय लगता था. वहीं वोटिंग होने के बाद इसकी गणना में भी 3 से 4 दिन का समय लगता था. इसी वजह से अब लोकसभा और विधानसभा चुनावों में EVM से मतदान होता है.
हिंदी में क्या है ईवीएम का नाम?
सबसे पहले हम आपको EVM का फुल फॉर्म बताते हैं. EVM का फुल फॉर्म है ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन'(Electronic Voting Machine). जहां EVM को अंग्रेजी भाषा में Electronic Voting Machine कहा जाता है. वहीं हिंदी भाषा में इसे ‘मतदाता वोटिंग यंत्र’ कहते हैं. इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (BEL), बैंगलोर एवं इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया एवं हैदराबाद के सहयोग से तथा निर्वाचन आयोग के द्वारा तैयार किया जाता है.
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