“बहुत देर करदी हुज़ूर आते आते “
केंद्र सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है करोना संक्रमण के बारे में सरकार द्वारा जन जीवन की रक्षा के लिए लॉक डाउन होने के कारण हतोत्साहित बेरोजगार परेशान प्रवासी गरीब मजदूरों छात्रों को उनके घर राज्य तक पहुंचाने के लिए स्पेशल रेल गाड़ियों का संचालन करना स्वागत योग्य है इससे लोगों का तनाव कम होगा और सरकारें प्रवासी गरीब मजदूरों का भरोसा जीतने में कामयाब रहेंगी,मार्ग में पैदल जा रहे प्रवासी मजदूर जिनकी म्रत्यु भूख प्यास से हुए है उनके परिवार जनों को केंद्र-राज्य सरकार 5 लाख की आर्थिक मदद धनराशि से सहयोग करें।
जिसकी घोषणा अभी तक नही हुए है जो कि चिंता एवं निन्दनीय विषय है सरकार के इस निर्णय से प्रवासी मजदूर छात्रों के मन में आशा की किरण जागी है यह नीतिगत एवं मानवीय निर्णय स्वागत योग्य है लेकिन “बहुत देर करदी हुज़ूर आते आते ” सरकार के निर्देशों आदेशों के पालन सम्मान पूर्वक सच्चाई के साथ करना मानवता का धर्म होगा सावधानी हटी दुर्घटना घटी यह सदैव याद रखना होगा, सनातन ऋषि परंपरा है कि मनुष्य क्षणिक लाभ सुखों के खातिर नीति रीति को विस्मृत/ नजरअंदाज कर छोटे से स्वार्थ के लिए पद पर चल पड़ता है जो संपूर्ण समाज घर परिवार के लिए कष्ट दाई सिद्ध होता है सरकार डॉक्टरों के दिशा निर्देश आदेशों का पालन कर मानवता की सेवा करनी होगी उससे हम सब(मानवता) को लाभ होगा।
नीति रीति मर्यादाओं का पालन हो, पशु पक्षी मानवता की रक्षा
मर्यादा में रहकर रहना ही जीवन की सार्थकता महानता है मनुष्य का जीवन सद कर्म करने के लिए मिला है सनमार्ग पर चलकर श्रेष्ठ कर्म करना सत्य अहिंसा करुणा के पद पर चलकर असहाय निर्बलो की सहायता करना अपना दायित्व का पालन करना है जीवो पर दया करना उन्हें भोजन पानी देना जिससे पशु पक्षी हम साथी कुत्ता बिल्ली गाय गुरैया मोर कबूतर चींटी नीलगाय अन्य वन्य जीव जंतु को भी पूर्वजों के नाम से अन्न जल दान कर जनजीवन पशु पक्षी प्रकृति का संतुलन बना रहे ओर लुप्त हो रहे पशु-पक्षियों प्रजाति पर अंकुश/नियंत्रण लगा सकेंगे ताकि प्रकृति ने पशु पक्षी जनजीवन से जो चक्र जोड़ा है वह निरंतर चलता रहे तभी जाकर मानव जीवन सजग और सबल रहेगा मनुष्य सबके लिए जीता है इसी का नाम मानवता करुणा दया है जिसकी प्रकृति मानव जाती से आस उम्मीद करती हैं यही धर्म है यही कर्तव्य है
यतो धर्मस्ततो जयः महंत कैलाशनाथ “हठयोगी”
