फरीदाबाद : भारत सरकार ने लाँक डाउन के दौरान शराब के ठेके ओपन करके महिलाओं की चिंता और भी ज्यादा बढ़ा दी है। पिछले 1 महीने से लाँक डाउन के दौरान सभी अपराधों (क्राइम) में कमी आई है ! ना के बराबर क्राइम हो रहे हैं। चाहे मर्डर के क्राइम हो ,च लूटपाट हो, रोड एक्सीडेंट हो या लड़ाई झगड़ा के अपराध हो ।लेकिन हम महिलाओं के घरेलू हिंसा के केसो में बढ़ोतरी हुई है ।सरकार ने लाँक डाउन के दौरान मजदूरों के रोजगार छूटने की वजह से उनके खातों में ₹500/1000 डलवाए और कहा कि कोई भी व्यक्ति हिंदुस्तान में भूखा नहीं सोने दूंगा ! लेकिन मोदी जी यह क्या आपने जो ₹500/- मजदूरों के खाते में डलवाए हैं ! अब उन पैसों से किसी के घर का चूल्हा नहीं जलेगा ।
अब बच्चे तो भूखे ही सोएगे। सरकार का एहसान जो मजदूर परिवारों पर किया गया है बताया गया है कि किसी को भूखा नहीं सोने दूंगा । सरकार के द्वारा भेजी गई आर्थिक सहायता सिदा बैंक से निकल कर ,घूम कर ,घरेलू हिंसा करते हुए शराब के ठेके के द्वारा सरकार के पास वापस जमा हो जाएगी । भोली जनता यह मान लेगी कि सरकार ने हर मजदूर परिवार के पास राशन के लिए आर्थिक सहायता भेजिए और सरकार का भी काम बन जाएगा की आर्थिक सहायता घूम फिर कर वापस शराब के ठेके के द्वारा सरकार के पास पहुंच जाएगी रेवेन्यू सरकार का बढ़ जाएगा सरकार को किसी की कोई चिंता नहीं है यह सब ढोकला है दिखावा है पूर्ण तरह से फेल हो चुका है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा। मोदी जी प्लीज हम महिलाओं पर तरस खाओ। आप ही का नारा है।
बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ ! मोदी जी यह कैसी बेटी बच रही है ? बेटी तो भूखी मर रही है ! घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है ! 12 बाई 12 के कमरे में पूरे परिवार के साथ रहती हैं, हर रोज घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं । क्या महिलाओं के दुखों का कोई अंत नहीं है । अब एक चिंता और बढ़ा दी आपने और भी ज्यादा हमारा शोषण होगा,अब और भी ज्यादा घरेलू हिंसा हमारे साथ की जाएगी । क्योंकि रिवेन्यू जो बढ़ाना है आपका । घर में चूल्हा जले या ना जले पर हां आपके द्वारा भेजी गई आर्थिक सहायता से घर में शराब जरूर आएगी ।वाह मोदी जी वाह क्या खूब बेटी को बचाया जा रहा है ।पी एम मोदी साहब से निवेदन है कि हम बेटियों पर महिलाओं पर तरस खाओ प्लीज लाँक डाउन के दौरान शराब के ठेके ना खोले जाएं ।
परमिता चौधरी (संयोजक) संस्कार फाउंडेशन
