
जुनैद-नासिर की हत्या के मामले में भरतपुर जेल में बंद मोनू मानेसर की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। 26 सितंबर को जमानत याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद ही पता चल सकेगा कि इस मामले में आरोपी मोनू मानेसर की जमानत हो सकेगी या अभी भरतपुर जेल से बाहर आने के लिए और इंतजार करना होगा। फरीदाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अधिवक्ता एलएन पाराशन ने भरतपुर की कामां अदालत में आरोपी मोनू मानेसर की जमानत याचिका लगाई हुई है। 26 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह की अदालत में जमानत पर बहस होगी। आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि वह इस मामले में पूरी तैयारी के साथ कामां जाएंगे। पूरी उम्मीद है कि उनके मुवक्किल को वहां से जमानत मिल जाएगी, क्योंकि उसके मुवक्किल की इस हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। उसे षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।
उधर, बिट्टू बजरंगी के ट्रायल को नूंह से फरीदबाद में स्थानांतरित करवाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी गई है। इस याचिका में आरोपी बजरंगी को पुलिस सुरक्षा दिलवाने की भी मांग की गई है। बता दें कि नूंह पुलिस ने 15 अगस्त को नूंह हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। 30 अगस्त को आरोपी को जमानत मिल गई थी। लेकिन बिट्टू बजरंगी ने नूंह में जाने पर अपनी जान को खतरा बताया है। इसे देखते हुए आरोपी ने गुरुवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है।
वारिस मौत मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
नूंह के हुसैनपुर निवासी वारिस की मौत मामले की जांच अब उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में गठित एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) करेगी। नूंह हिंसा के मामले में आरोपी फिरोजपुर झिरका कांग्रेस विधायक मामन खान ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था। इस मामले में भी मोनू मानेसर से पूछताछ हो सकती है।
मारपीट कर हत्या करने का लगा था आरोप
गत 28 जनवरी को तावडू के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 919 पर गांव खोरी कलां के समीप कथित गौ रक्षकों ने हुसैनपुर निवासी वारिस की मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगा था। लेकिन पुलिस ने इस मामले को सड़क हादसे में मौत बताया था। इस मामले को विधायक द्वारा विधानसभा में उठाने पर एसआईटी गठित कर दी गई थी।
NEWS SOURCE : livehindustan
