
फरीदाबाद : बीके अस्पताल की एक्सरे मशीन बुधवार को खराब हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को मशीन खराब होने का नोटिस कमरे के बाहर लगा दिया है। इसकी वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीज बाहर जाकर एक्सरे करवाने पर मजबूर हैं। खासतौर से आपातकालीन वार्ड में आने वाले गंभीर मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मशीन का एक पार्ट खराब हो गया है। इसे ठीक होने में अभी करीब तीन दिन लगेंगे। बीके अस्पताल की ओपीडी में रोज करीब दो हजार मरीज आते हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा मरीज आपातकालीन वार्ड में पहुंचते हैं। इनमें करीब 200 मरीजों का एक्सरे करवाया जाता है। बुधवार को मशीन खराब होने से इन मरीजों को पैसा देकर निजी एक्सरे सेंटर पर जाकर एक्सरे करवाना पड़ रहा है।
दूसरी मशीन काफी दिनों से खराब : बीके अस्पताल में एक्सरे की दो मशीन हैं। सूत्रों के मुताबिक एक मशीन काफी दिनों से खराब है। अब दूसरी मशीन भी खराब हो गई। बीके अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के अधिकारियों की तरफ से भी अनेक बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक पहली मशीन ठीक नही हुई। अब दूसरी मशीन भी खराब हो गई। हालांकि आज इंजीनियर को बुलाया गया था, लेकिन मशीन ठीक नही हो पाई है।
मशीन ठीक होने में लग सकते हैं तीन दिन : इंजीनियर ने स्वास्थय विभाग के अधिकारियों को बताया है कि मशीन को ठीक होने में दो से तीन दी लग जाएंगे। अस्पताल में बुधवार को पुहंचे मरीजों ने बताया कि उन्हें मशीन के खराब होने के पता तब चला जब इसका नोटिस चस्पा किया गया। अगर उन्हें इसकी पहले जानकारी मिल जाती है तो वह अस्पताल में नहीं आते। इससे उन्हें अब भटकने को मजबूर होनना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर में पहुंचा तो पोस्टर चस्पा मिला : मरीज
60 साल के राजू ने बताया कि उनके घुटने में दर्द है। आज इलाज के लिए यहां आए, तो डॉक्टर ने घुटने का एक्सरे करवाने के लिए कहा। इसके लिए जब एक्सरे रूम में गए तो वहां एक्सरे मशीन खराब होने का पोस्टर चस्पा किया गया था। जब इस बारे में पूछा तो वहां तैनात कर्मचारियों ने कहा कि मशीन खराब है। इसके बाद उन्होंने बाहर से एक्सरे करवाने सलाह दी। एक्सरे मशीन के खराब होने की शिकायत निर्माता कंपनी से कर दी है। बुधवार को कंपनी ने अपना इंजीनियर भेजा, लेकिन मशीन ठीक नहीं हो पाई है। इसे ठीक होने में अब दो से तीन दिन लग सकते हैं।
-राजकुमार, रेडियोलॉजी ऑफिसर, बीके अस्पताल
NEWS SOURCE : livehindustan
