
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के दो शूटर समेत तीन आरोपियों की जांच में एक चौंकाने वाला नाम सामने आया है। उसने न सिर्फ शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे, बल्कि उन्हें इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार भी किया था। इस शातिर अपराधी का नाम वीरेंद्र है, जो इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले रोहित गोदारा का शागिर्द है।
जांच टीम के अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने यह खुलासा किया कि वीरेंद्र ने इस हत्याकांड की साजिश रची। यही इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। इसके कहने पर ही रोहित राठौर और नितिन फौजी करणी सेना के प्रमुख सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या के लिए तैयार हुए थे। उसने ही जयपुर में दोनों शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे और इसके ही इशारे पर नवीन शेखावत ने गोगामेड़ी के घर का रेकी की थी। इसके बाद वही शूटरों को अपने साथ लेकर गया था। वीरेंद्र ने यह सब कुछ अपने आका रोहित गोदारा के कहने पर किया था। रोहित और वीरेंद्र जेल में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे, तभी से ये दोनों साथ में काम कर रहे हैं।
आरोपी एक लाख का इनामी गैंगस्टर
आरोपी वीरेंद्र एक लाख का इनामी गैंगस्टर है। वह राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। साल 2015 में हुए रामलाल मेघवाल हत्याकांड में उसका नाम आया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, जहां वह कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया और उसने अपना एक नेटवर्क बना लिया। उसके इस नेटवर्क में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह लेकर रोहित गोदारा तक शामिल थे। साल 2022 में उसे जमानत मिली तो जेल से बाहर आ गया। इसके बाद उसने गोगामेड़ी के करीबी गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या की साजिश रची और हत्याकांड के बाद नेपाल होते हुए दुबई फरार हो गया था। पिछले एक साल से दुबई से ही लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के के लिए काम कर रहा है।
