
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में बेरोजगार लोग साइबर ठगों के सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। इसका पता इसी बात से चलता है कि जनवरी से नवंबर तक शहर स्थित तीन साइबर थानों के अलावा अन्य थानों में साइबर ठगी के करीब छह हजार शिकायतें पहुंची है। बता दें कि, नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाज उनसे लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। इसका उदाहरण वह 300 युवा हैं, जिन्होंने नौकरी के लिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपनी जानकारी साझा की थी। जालसाजों ने इनकी बेरोजगारी का फायदा उठाकर विभिन्न मदों में हजारों-लाखों रुपये हड़प लिए। ऑनलाइन टास्क में हो रही ठगी भी पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों की मानें तो जनवरी से नवंबर तक शहर स्थित तीन साइबर थानों के अलावा अन्य थानों में साइबर ठगी के करीब छह हजार शिकायतें पहुंची है। जालसाजों ने छह हजार लोगों से करीब 45 करोड़ रुपये की ठगी की है। जानकरी के अनुसार, इनमें से करीब पांच फीसदी ठगी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से की गई है। अधिकांशत: शिकायत में पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि कई ऐसे वेबसाइट हैं, जो नौकरी दिलाने का काम करते हैं। ऐसे में उन्होंने भी नौकरी की आस में उन वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपना बायोडाटा अपलोड किया।
टास्क देकर बढ़ रही ठगी ने बढ़ाई चिंता
ऑनलाइन टास्क देकर हो रही ठगी ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस के पास जनवरी से अब तक करीब एक हजार से अधिक शिकायतें ऑनलाइन टास्क में हुई ठगी पहुंचे हैं। आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, वॉट्सऐप आदि सोशल मीडिया पर मैसेज कर लोगों को घर बैठे मोटी कमाई के लालच दे रहे हैं। साथ ही नामी कंपनियों, सोशल मीडिया कंपनियों आदि को रेटिंग, सब्सक्राइब, लाइक्स आदि करने का ऑनलाइन टास्क ठगी कर रहे हैं। इन्वेस्टमेंट टास्क में लाखों ऐंठ रहे हैं।
ये भी हो रहे शिकार
साइबर एक्स्पर्ट का कहना है कि साइबर ठग अब ठगी करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे। वह रिटायर्ड, जॉब से असतुंष्ट, जल्दी पैसा कमाने की चाहत रखने वालों आदि इनके चक्कर में आसानी से फंसते हैं। ठग बुजुर्गों के अलावा गृहणियां, युवा भी अधिक शिकार हो रहे हैं।
इस तरह से करें बचाव
साइबर क्राइम डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि ठगी अहसास होने के तुरंत बाद ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें। कई बार लोग एक बार में नंबर लगता तो तीन-चार बार डायल करें। यहां तक कि सोशल मीडिया पर ठगी संबंधित मैसेज की भी जानकारी डायल-1930 पर कॉल कर सूचित करें। टीम उस नंबर को ब्लॉक कर देगी, जिससे आरोपी उस नंबर से किसी अन्य को मैसेज या कॉल कर सकेगा। शिकायतकर्ता हेल्पलाइन पर कर्मचारी द्वारा पूछे गए सभी सवालों का सही जवाब दें और अपनी शिकायत को विस्तार से बताएं।
NEWS SOURCE : livehindustan
