
हरियाणा में रेवेन्यू कोर्ट (राजस्व अदालत) से जुड़े समन भी अब डिजिटल माध्यम से भेजे जा सकेंगे। ये समन ईमेल और व्हाट्सएप पर भेजने की तैयारी है। अभी तक रेवेन्यू कोर्ट के समन के लिए गांवों में मुनादी करवाई जाती थी। घरों पर समन चस्पा किए जाते थे और फिर रजिस्टर्ड डाक से भेजने के नियम थे। डिजिटल ऑप्शन को अपनाने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नियमों में बदलाव का खाका तैयार कर लिया है। यह बदलाव होने के बाद ईमेल और व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले समन की भी कानूनी वैधता होगी। एफसीआर तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने नियमों में बदलाव का प्रारूप तैयार किया है। इस सदंर्भ में वे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ भी विचार-विमर्श कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को यहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में नियमों में बदलाव का एजेंडा रखा जा सकता है। ईमेल और व्हाट्सएप पर समन भेजने का सबसे अधिक फायदा यह होगा कि राजस्व से जुड़े मामलों में समन नहीं पहुंचने की शिकायत करने का किसी को मौका नहीं मिलेगा। हालांकि पूर्व की तरह मुनादी भी होगी और घरों पर सम्मन चस्पा भी किए जाएंगे। रजिस्टर्ड डाक से भी समन जाएंगे।
वहीं दूसरी ओर, हरियाणा में जमीनों के कलेक्टर रेट इस बार समय से पूर्व रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आमतौर पर मार्च के आखिर में इसकी कवायद शुरू होती है। जिलों के डीसी द्वारा कलेक्टर रेट तय किए जाते हैं। एफसीआर टीवीएसएन प्रसाद की ओर से इस बार सभी जिला उपायुक्तों को दिसंबर में ही निर्देश भेजकर इसकी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए हैं।
प्रसाद ने कहा कि कलेक्टर रेट को लेकर समय से पहले कवायद इसलिए शुरू की है ताकि लोगों के सुझाव व आपत्तियां ली जा सकें। इन्हें दूर किया जाएगा। प्रदेश में अब रजिस्ट्री ऑनलाइन की जा रही है। ऐसे में रजिस्ट्री की वास्तविक कीमत का सरकार को आइडिया रहता है। रजिस्ट्री के हिसाब से जमीनों के कलेक्टर रेट तय होंगे। आमतौर पर कलेक्टर रेट पांच से दस प्रतिशत तब बढ़ाए जाते हैं।
NEWS SOURCE : chopaltv
