
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, 2022-23 में बैंकिंग सिस्टम में पाए गए 500 रुपये के नकली नोटों की संख्या पिछले साल की तुलना में 14.6% बढ़कर 91,110 नोट हो गई। इसी अवधि के दौरान, सिस्टम में पाए गए 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के नकली नोटों की संख्या 28% घटकर 9,806 नोट रह गई। आरबीआई ने सबसे ज्यादा नकली नोट 2000 रुपये के नहीं बल्कि 500 रुपये के पकड़े हैं. गौरतलब है कि आरबीआई ने 19 मई को घोषणा की थी कि 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस ले लिया जाएगा.
इसी अवधि के दौरान, सिस्टम में पाए गए 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के नकली नोटों की संख्या 28% घटकर 9,806 नोट रह गई। आरबीआई ने सबसे ज्यादा नकली नोट 2000 रुपये के नहीं बल्कि 500 रुपये के पकड़े हैं. गौरतलब है कि आरबीआई ने 19 मई को घोषणा की थी कि 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस ले लिया जाएगा.
नकली नोटों की संख्या घटी-
हालाँकि, बैंकिंग क्षेत्र में पाए गए नकली भारतीय मुद्रा नोटों की कुल संख्या पिछले वित्तीय वर्ष में 2,30,971 नोटों की तुलना में 2022-23 में घटकर 2,25,769 नोट हो गई है। आरबीआई ने इस अवधि के दौरान 100 रुपये के 78,699 नकली नोट और 200 रुपये के 27,258 नकली नोट की सूचना दी। डिजिटल रुपये को अधिक व्यापक बनाने के लिए रिजर्व बैंक अपने पायलट प्रोजेक्ट में अधिक बैंकों और स्थानों को शामिल करेगा।
वार्षिक रिपोर्ट की मुख्य बातें-
– FY23 में RBI की बैलेंस शीट 2.5% बढ़कर 63.45 लाख करोड़ रुपए हो गई
-रिजर्व बैंक सरकार को 87,416 करोड़ रुपये का लाभांश देगा
– डिजिटल रुपए को और अधिक व्यापक बनाने के लिए सीबीडीसी पायलट में अधिक बैंकों, स्थानों को शामिल करना
– FY23 में 500 रुपये के नोटों के लगभग 91,110 टुकड़े फेंके हुए पाए गए
– वित्त वर्ष 2024 में भी भारत की विकास गति बरकरार रहेगी, मुद्रास्फीति का जोखिम कम हुआ
चालू खाता अंतर मध्यम रहने की उम्मीद है
-जीडीपी वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान
देशभर में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं
– विदेशी मुद्रा लेनदेन से लाभ 50 प्रतिशत बढ़ गया
(2022-23 में धोखाधड़ी के मामले बढ़कर 13,530 हो गए)
ये हैं चुनौतियां-
– वैश्विक विकास में मंदी
– भू-राजनीतिक तनाव
– वैश्विक वित्तीय प्रणाली में किसी नई घटना के कारण उतार-चढ़ाव का जोखिम
ये हैं सपोर्ट-
-मजबूत व्यापक आर्थिक नीतियां
– कमोडिटी की कीमतें कम होना
– वित्तीय क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन
– अच्छे कॉर्पोरेट परिणाम
सरकार की ओर से पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी
– चालू वित्त वर्ष में भारत की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है
NEWS SOURCE : chopaltv
