
रात को घर में चैन की नींद सो रही बेगम ने भी अंदाजा भी नहीं लगाया होगा कि जिंदगी यह उसकी आखिरी रात है। शौहर ने सोती हुई बेगम के मुंह में बिजली की तार डालकर करंट से उसको खौफनाक मौत दे दी। हत्यारोपी शौहर 7 बच्चों का पिता है।पुलिस ने हत्यारोपी शौहर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह पूरा हैरान करने वाला मामला उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में सामने आया है। अवैध संबंध के शक में पत्नी की करंट लगाकर हत्या के आरोप में गिरफ्तार पति को जेल भेज दिया गया है। परिवार ने महिला को सुपुर्द ए खाक कर दिया है।
यूपी के बुढ़ाना निवासी हामिद (60) पुत्र अब्दुल लतीफ परिवार के साथ लंढौरा बस अड्डे के पास असगर वाली गली में रहता था। गुरुवार रात को परिवार के लोग पास वाले कमरे में सोए थे। हामिद अपनी पत्नी खातून (52) और छह साल की बच्ची शबनम के साथ दूसरे कमरे में सोया था।आरोप है कि रात करीब एक बजे हामिद ने बिजली के प्लग में तार लगाकर बगल में सोई हुई पत्नी के मुंह में लगा दिया था। करंट लगने से खातून की मौके पर ही मौत हो गई थी। जिसके बाद रात में ही हामिद ने लंढौरा पुलिस चौकी में जाकर पत्नी की हत्या की बात कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया था।
पुलिस पूछताछ में हामिद ने बताया था कि पत्नी के चरित्र पर शक होने पर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के पास परिजनों को सौंप दिया था। हत्यारे पिता हामिद के पुत्र नदीम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।वरिष्ठ उप निरीक्षक धर्मेंद्र राठी ने बताया कि हत्या के प्रयुक्त तार बरामद किया है। जबकि हत्यारोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में कांस्टेबल विनोद, विजय यादव और राजेंद्र शामिल रहे।
बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ
पत्नी की हत्यारे पति के जेल जाने के बाद बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया है। छोटे भाई बहनों के पालन पोषण की जिम्मेदारी अब बड़े भाईयों के कंधों पर आ गई है।परिवार में चार नाबालिग बच्चे है। बच्चों के पालन पोषण को लेकर कस्बावासी चिंतित है।
लंढौरा बस अड्डे के पास वाली कॉलोनी में रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग ने बिजली का करंट लगा कर 52 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी थी। बाद में आरोपी बुजुर्ग ने पुलिस के सामने हत्या करने की बात कहकर खुद को सरेंडर कर दिया था।मृतक महिला के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पेशी के बाद हत्यारोपी को जेल भेज दिया था। मृतक महिला के तीन लड़के और चार लड़कियां हैं। इनमें एक लड़का और तीन लड़की नाबालिग है।
जबकि दो लड़के और एक लड़की बालिग है। सबसे छोटी लड़की 5 साल की है। जबकि एक पुत्री 10 और एक पुत्री की 12 साल की और बेटा 13 वर्षीय है। परिवार में मां की हत्या करने में पिता के जेल चले जाने से चार नाबालिग बच्चों के सिर से मां बाप का साया उठ गया है।परिवार के सबसे बड़ा पुत्र शादीशुदा है। उसके भी तीन बच्चे है। एक पुत्र का कहना है कि छोटे भाई बहनों के पालन पोषण की जिम्मेदारी अब बड़े भाईयों के कंधों पर आ गई है।
NEWS SOURCE : livehindustan
