
आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों के बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है। इसको लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आईएमए ने गुरुवार को जारी बयान में यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि जल्द बिलों का भुगतान नहीं होने पर निजी अस्पतालों में उपरोक्त योजना के मरीजों का इलाज बंद करने का अल्टीमेटम दिया है।
आयुष्मान भारत योजना का तीन करोड़ का बिल बकाया
आईएमए ने दावा किया है कि सरकार के साथ हुए समझौते के मुताबिक, उपरोक्त योजना के तहत मरीजों का इलाज करने के 15 दिन बाद निजी अस्पतालों को बिलों का भुगतान करना होता है, लेकिन तीन साल तक भुगतान नहीं किया जा रहा है। फरीदाबाद में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा बिलों का भुगतान अटका हुआ है।
बिना कारण हो रही कटौती
आईएमए का आरोप है कि बगैर किसी ठोस कारण के बिलो में मनमानी कटौती कर दी जाती है। पूछने पर कई महीनों बाद भी कोई जवाब नहीं मिलता। भारत सरकार ने नवंबर 2021 में अस्पतालों में विभिन्न पैकेज की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी थी, लेकिन हरियाणा सरकार ने अब तक भी इसे लागू नहीं किया है।
भुगतान की रफ्तार धीमी
आरटीआई कार्यकर्ता अजय सैनी का कहना है कि आयुष्मान भारत और चिरायु योजना को लेकर पिछले वर्ष स्वास्थ्य विभाग से सूचना मांगी थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत 10374 मरीजों का इलाज किया गया। जिसके इलाज पर करीब 16 करोड़ के बिल बने, इनमें करीब तीन करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं।
NEWS SOURCE : livehindustan
