
‘मैं पुलिस विभाग से बोल रहा हूं. आपका बेटे को रेप केस में गिरफ्तार हुआ है. अगर बेटे को बचाना चाहते हो तो दो लाख रुपये सेंड करो. पीछे से बेटे की आवाज आती है, पापा मुझे बचा लो.’ अगर आपको भी कोई ऐसा फोन काॅल आता है, तो घबराने की नहीं बल्कि सावधान होने की जरूरत है. कुछ इसी प्रकार से आजकल ठगी कर रहे हैं. यूपी के मिर्जापुर जिले में इस तरह का मामला सामने आया है. उन्होंने एक पिता को पुलिस बनकर फोन किया, फिर दो लाख रुपये ठग लिए.
मिर्जापुर जिले के टंडनपुर कॉलोनी के रहने वाले मनोज दमकल के पास 27 फरवरी को दो अलग-अलग नम्बरों से कॉल आई. मनोज दमकल ने बताया कि फोन लगाते ही आवाज आई कि मैं पुलिस विभाग से बोल रहा हूं. तुम्हारे बेटे को एक रेप केस में गिरफ्तार कर लिया गया है. फोन करने वाले ने आगे कहा कि अगर बेटे को बचाना चाहते हो, तो दो लाख रुपये दे दो. मैं बेटे को बचा सकता हूं. पैसे नहीं दिए तो मैं कुछ भी कर सकता हूं. उसका पूरा जीवन बर्बाद हो जाएगा.
बेटे की आई आवाज… पापा मुझे बचा लो
मनोज दमकल ने बताया कि खुद बात करने के बाद मेरे बेटे की आवाज निकाली. कहा कि पापा मुझे बचा लीजिए, नहीं तो मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी. बेटे की आवाज सुनने के बाद हमने लगभग 1.50 लाख रुपए का इंतजाम करने के बाद उनके खाते में जमा करा दिए. उन्होंने बताया कि उसके बाद जब उन्होंने जब बेटे से उसके फोन पर बातचीत की, तो ऐसा कुछ मामला ही नहीं था. जिसके बाद मनोज दमकल ने साइबर पुलिस में इसकी शिकायत की है.
ठगी के झांसे में न आएं
साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि साइबर ठग नई तकनीक एआई का इस्तेमाल ठगी के लिए कर रहे हैं . जिसमें पुलिस अधिकारी या फिर कोई फोन करके आपके परिवार के किसी सदस्य की आवाज सुनाकर पैसे ठग ले रहे हैं. ऐसे में आप बिल्कुल झांसे में न आएं. ऐसा अगर फोन आता है तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें. उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए भी ठगी कर रहे हैं. फेक आईडी बनाकर पहले बातचीत करते हैं फिर वीडियो कॉल पर बात करके वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल करते हैं. ऐसे में आपको बिल्कुल विचलित नहीं होना है और न ही कोई ट्रांजेक्शन करना है. उन्होंने बताया कि सोशल साइड पर टू स्टेप वेरिफिकेशन जरूर रखें.
वर्क फ्रॉम होम के नाम पर हो रही ठगी
ओम नारायण सिंह ने बताया कि कोविड के बाद से वर्क फ्रॉम होम के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी हो रही है. वर्क फ्रॉम होम के नाम पर कई लोग बात करेंगे और एक ग्रुप में ऐड कर देंगे. जहां उनको टास्क दिया जाता है. उन्होंने बताया कि पहली बार उनके खाते में पैसे आ गए. उसके बाद पब्लिक ओपिनियन को देखकर बिजनेस में पैसे लगा देते हैं और ठगी हो जाती है. ओम नारायण सिंह ने बताया कि साइबर थाने में जनवरी 2023 से अबतक 436 मामले आए हैं. जिसमें से 87 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं. 101 मामले में 56 लाख 53 हजार पीड़ित के खाते में रिफंड हुआ है. आईपीसी के 457 के तहत रजिस्टर्ड केस में 17 लाख रुपये रिफंड कराए हैं.
NEWS SOURCE : news18
