
सोनीपत: लोकसभा चुनाव में अपराधियों की आवाजाही, नकदी और नशे की तस्करी को रोकना पुलिस के लिए चुनौती है। पिछले सप्ताह बागपत, दिल्ली, झज्जर और सोनीपत पुलिस ने बैठक कर चुनाव के दौरान अंतरराज्यीय अपराध, नकदी व नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने की रणनीति पर मंथन किया था।
इसमें में 65 अपराधियों के नाम सामने आए, जिनकी पुलिस विशेष निगरानी करेगी। ये अपराधी हरियाणा में अपराध कर उत्तर प्रदेश या दिल्ली में छिप जाते हैं और दिल्ली या उत्तर प्रदेश में वारदात करने के बाद सोनीप या झज्जर में गुम हो जाते हैं। 26 मार्च को राई के एथेनिक इंडिया में हुई अंतरराज्यीय बैठक में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सामूहिक रणनीति पर मंथन किया। बागपत के डीएम, एसपी, उत्तरी बाहरी दिल्ली की डीएम व डीसीपी, झज्जर के डीसी व डीसीपी, सोनीपत के डीसी व सीपी इस बैठक में मौजूद रहे।
इस दौरान सोनीपत के पुलिस कमिश्नर बी. सतीश बालन ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को 25 अपराधियों की सूची सौंपी, जो सोनीपत में अपराध करने के बाद दिल्ली या उत्तर प्रदेश में छिप जाते हैं। इस पर दिल्ली व बागपत के अधिकारियों ने भी 40 अपराधियों की सूची शेयर की, जो दिल्ली या बागपत में वारदात करने के बाद सोनीपत या झज्जर में छिप जाते हैं। दिल्ली-एनसीआर के जिलों की पुलिस के लिए ये 65 अपराधी सिरदर्द बने हुए हैं। सभी अधिकारियों ने रणनीति बनाई कि लोकसभा चुनाव में अगर इन 65 बदमाशों पर नियंत्रण कर लिया जाए तो बहुत हद तक वारदात को रोका जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के साथ लगते पुलिस नाकों का किया निरीक्षण
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने उत्तर प्रदेश के साथ लगते पुलिस नाकों का निरीक्षण किया। खुर्मपुर, केजीपी पर जाखौली टोल प्लाजा, जगदीशपुर, गढ़ मिर्कपुर चौकी के सामने, मीमारपुर चौकी के सामने और बेगा घाट पर नाके लगाए गए हैं। पहले चुनाव उत्तर प्रदेश में होने हैं, ऐसे में जो आपराधिक तत्व वहां सक्रिय हों, चुनाव उपरांत हमारी सीमा में घुसने का प्रयास करें। इसलिए विशेष रूप से चेकिंग हो।
खरखौदा क्षेत्र के शराब माफिया की होगी विशेष निगरानी
लोकसभा चुनाव में नशीले पदार्थों खासकर शराब की तस्करी व आवाजाही पर रोक लगाने की रणनीति पर मंथन किया गया। इसके तहत सोनीपत खरखौदा क्षेत्र के बड़े शराब माफिया की विशेष निगरानी कर रही है। उस शराब माफिया पर दूसरे राज्यों में शराब तस्करी के 25 से 30 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि यह माफिया अब भी चोरी-छिपे शराब की तस्करी को अंजाम दे रहा है। पुलिस चुनाव के दौरान इसकी विशेष निगरानी कर रही है।
NEWS SOURCE : jagran
