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Home » घर-घर जाकर बेचे शैंपू, अब 24,000 करोड़ का अकेला मालिक, रात गुजारने को सर पर नहीं थी छत, गलियों में सोया

घर-घर जाकर बेचे शैंपू, अब 24,000 करोड़ का अकेला मालिक, रात गुजारने को सर पर नहीं थी छत, गलियों में सोया

faridabadnews24By faridabadnews24May 6, 2024No Comments4 Mins Read
IMAGES SOURCE : GOOGLE

Success Story : सफलता की कहानियां हमेशा दिलचस्प होती हैं. इन कहानियों का रोमांच किसी काल्पनिक कहानी से कहीं अधिक होता है. ऐसी ही एक रोमांचक कहानी है जॉन पॉल डिजोरिया (John Paul DeJoria) की. फोर्ब्स के मुताबिक, आज (6 मई 2024) को जॉन पॉल की नेट वर्थ 2.9 बिलियन डॉलर (24,205 करोड़ रुपये) है. यह दौलत एकाएक नहीं आई, बल्कि मेहनत से जुटाई गई है. एक वक्त ऐसा भी था कि जॉन पॉल डिजोरिया के पास रात को सिर छिपाने को छत नहीं थी. गलियों में रातें बितानी पड़ीं. खाने को कुछ नहीं था, सो घर-घर जाकर शैंपू बेचे और रोजी-रोटी का जुगाड़ किया.

जॉन पॉल डिजोरिया का जन्म 13 अप्रैल 1944 में यूएस के कैलिफोर्निया स्थित लॉस एंजिल्स में हुआ था. जब वे 2 वर्ष के हुए तो उनके माता-पिता तलाक लेकर अलग हो गए. उनकी मां अकेले होने के चलते उनका लालन-पालन करने में परेशानी महूसस कर रही थीं. इसी वजह से उन्हें ईस्ट लॉस एंजिल्स फोस्टर-होम में भेज दिया गया. जॉन 9 वर्ष के होने तक वहीं रहे और बाद में अपनी मां के पास लौटे. 9 वर्ष की आयु में मां और परिवार की मदद के लिए उन्होंने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर क्रिसमस कार्ड और अख़बार बेचने शुरू किए.

डिजोरिया ने 2 साल तक अमेरिकी नेवी में सेवाएं दीं. उसके बाद, उन्होंने तरह-तरह के काम किए, जिनमें चौकीदारी से लेकर दर-दर जाकर इन्साइक्लोपीडिया बेचने से लेकर इंश्योरेंस बेचने तक का काम शामिल था. मगर किस्मत को कुछ और मंजूर था. अंतत: जॉन पॉल डिजोरिया उस जगह पहुंच गए, जहां से उन्हें पंख लगे और ऊंची उड़ान भरने योग्य हो गए.

नौकरी मिली, मगर ज्यादा दिन नहीं चली
डिजोरिया को रेडकेन लैब्स (Redken Laboratories) में एंट्री लेवल के कर्मचारी के तौर पर काम मिला. यह लैब हेयर केयर (बालों की देखभाल) के लिए जानी जाती थी. बाद में डिजोरिया को उनके पद से हटा दिया गया. 1980 में उन्होंने जॉन पॉल मिशेल सिस्टम्स (John Paul Mitchell Systems) की स्थापना की. इस काम के लिए उन्होंने पॉल मिशेल के साथ टायअप किया था. यह एक केयर-केयर कंपनी थी. दोनों ने उस समय 700 डॉलर का लोन लेकर यह कंपनी शुरू की थी. आज इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू 1 बिलियन डॉलर से अधिक है.

बाद में कैंसर की बीमारी के चलते जॉन के पार्टनर मिशेल की मृत्यु हो गई. अब पूरी कंपनी का बोझ जॉन पॉल डिजोरिया के कंधों पर आन पड़ा. डिजोरिया भी रुके नहीं और कंपनी की स्थापना के बाद से लगातार मेहनत करते रहे और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए. डिजोरिया ने बाद में पैट्रोन टकीला (Patron Taquila) स्पिरिट्स कंपनी की स्थापना भी की. बाद में यह एक नामी कंपनी बन गई.

कर्ण से दानवीर भी हैं डिजोरिया
डिजोरिया की कंपनी बेशक बहुत अधिक सफल है और करोड़ों के हिसाब से कमाई हो रही है, मगर वे काफी जमीनी स्तर पर सोचते हैं. वे समाजसेवी भी हैं. 2011 में वे बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की ‘द गिविंग प्लेज़’ से सहमत हो गए. इस प्लेज़ अथवा कसम के लिए तहत अपनी कमाई का आधा पैसा दान करना है ताकि दुनिया की बेहतरी की दिशा में काम हो सके.

जॉन पॉल की एक फाउंडेशन भी है, जिसका नाम जेपी की पीस लव एंड हैपीनेस फाउंडेशन (JP’s Peace Love & Happiness Foundation) है. यह फाउंडेशन पर्यावरण बचाने, गरीबों की मदद करने, और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करती है. उनकी इस संस्था ने दुनियाभर में 160 से अधिक चैरिटी कार्यक्रमों के माध्यम से कई लाखों डॉलर एकत्र किए हैं और लोगों की मदद की है. 2022 में जॉन पॉल डिजोरिया ने दुनिया के सबसे पुराने शिप (पानी के जहाज) एचएमएस यूनिकॉर्न (HMS Unicorn) को बचाए रखने के लिए 20,000 यूरो की मदद की l

NEWS SOURCE : news18

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