
(Govt Jobs News). महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर चर्चा में हैं. यूपीएससी से बर्खास्त किए जाने के बाद भी लोग पूजा खेडकर के फर्जीवाड़े की बात कर रहे हैं. ऐसा कोई केस दोबारा न हो, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने कैंडिडेट्स की पहचान आइडेंटिफाई करने के लिए सख्त प्रक्रिया अपनाने की सिफारिश की है. इसी दौरान 12 ऐसे फर्जी कैंडिडेट्स का मामला सामने आया है, जिनका चयन केंद्रीय सरकारी नौकरी के लिए हुआ था लेकिन अब इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है.
इन सभी अभ्यर्थियों का सेलेक्शन सरकारी भर्ती एजेंसी के जरिए किया गया था. इनकी भर्ती केंद्रीय सरकार के किसी टेक्निकल विभाग में होनी थी. लेकिन समय रहते उनका फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया और इन सभी की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया. इनमें से कुछ मामलों में कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स में बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं तो कुछ में चेहरे और फिजीक का मिलान फॉर्म के साथ जमा की गई फोटो के साथ नहीं हो पाया.
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Central Govt Jobs: जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
टाइम्स ऑफ इंडिया में सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट छापी गई है. उसके मुताबिक, अधिकारियों ने बताया- ‘सफल’ उम्मीदवारों को मल्टी-टास्किंग स्टाफ (तकनीकी) के रूप में नियुक्ति के लिए चुना गया था. जब उनके क्रेडेंशियल्स चेक किए गए तो लिखावट में फर्क जैसी कई बड़ी गड़बड़ियों की जानकारी मिली. फिर सभी डिटेल्स को सत्यापित करने के लिए एक समिति गठित की गई और प्रक्रिया पूरी होने तक के लिए उनकी नियुक्ति को रोक दिया गया.
Jobs News: सामने नहीं आए अभ्यर्थी
सूत्र ने आगे बताया कि जिन अभ्यर्थियों की आइडेंटिटी पर शक हो रहा था, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था. लेकिन कमाल की बात है कि उनमें से कोई भी सामने नहीं आया. इस वजह से उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई. बता दें कि वेरिफिकेशन की पहली स्टेज पर जिन अभ्यर्थियों की फोटो उनके फिजिकल अपीयरेंस से मैच नहीं हुई, उन्होंने बहुत अजीब से बहाने बनाए थे. किसी ने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले उनका वजन बढ़ गया तो किसी ने हेयरस्टाइल बदलने की जानकारी दी.
परीक्षा के समय जरूरी हो बायोमेट्रिक सिस्टम
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान इस तरह की समस्याओं के लिए कुछ समाधान बताए हैं. उनका कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगा होना चाहिए. रिक्रूटमेंट एजेंसी को कम से कम 6 मेगापिक्सेल कैमरा से अभ्यर्थियों की रंगीन फोटो खींचनी चाहिए ताकि इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके. इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सिस्टम होना चाहिए. इससे नियुक्ति के समय वेरिफिकेशन करना आसान हो जाएगा l
NEWS SOURCE Credit : news18.com
