Close Menu
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Home » मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने एक इराकी मरीज का सफलतापूर्वक टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट किया जो शहर में टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट के लिए सबसे एडवांस्ड उपचार में इस तरह का पहला मामला है

मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने एक इराकी मरीज का सफलतापूर्वक टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट किया जो शहर में टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट के लिए सबसे एडवांस्ड उपचार में इस तरह का पहला मामला है

faridabadnews24By faridabadnews24October 15, 2024No Comments6 Mins Read

Maringo Asia Hospitals Faridabad successfully performed Total Humerus Replacement on an Iraqi patient which is the first such case in the city in the most advanced treatment for Total Humerus Replacement

फरीदाबाद: मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने इराक से आए एक 22 वर्षीय अंतर्राष्ट्रीय मरीज पर टोटल ह्यूमरस (ऊपरी बांह की हड्डी) का सफलतापूर्वक रिप्लेसमेंट करके आर्थोपेडिक सर्जरी में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि एडवांस्ड स्वास्थ्य सेवा पेशकशों के एक नए युग का संकेत है, हॉस्पिटल को जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को करने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है, जिसके लिए सटीकता और खास विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नेतृत्व डॉ. अनुराग अग्रवाल, क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी- ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी द्वारा किया जाता है।

22 वर्षीय इराकी युवक सज्जाद हलूब, अपनी ह्यूमरस यानी ऊपरी बांह की हड्डी में गंभीर चोट लगने के कारण अपने देश में कई असफल सर्जरी झेलने के बाद मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में आया था। उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि पुराने संक्रमण के कारण ह्यूमरल हेड और कोहनी के जोड़ सहित मरीज की ऊपरी बांह की हड्डी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। इस कारण मरीज के हाथ के ऊपरी हिस्से ने काम करना बंद कर दिया तथा कंधे या कोहनी भी हिल नहीं पा रहे थे। युवा मरीज को अत्यधिक शारीरिक रुकावटों और स्थायी अपंगता के जोखिम से जूझना पड़ा।

ऐसे जटिल मामलों में ही ऊपरी बांह की हड्डी का टोटल रिप्लेसमेंट ही सफल हो सकता है। टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल सर्जिकल प्रक्रिया है, जो आमतौर पर उन गंभीर मामलों में की जाती है, जहां हड्डी इतनी क्षतिग्रस्त हो जाती है कि उसकी मरम्मत नहीं की जा सकती। इस अत्यधिक स्पेशलाइज़्ड प्रक्रिया में संपूर्ण ह्यूमरस हड्डी को हटाया जाता है, जिसके बाद कंधे और कोहनी के जोड़ को बदल दिया जाता है। यह सर्जरी विशेष रूप से अनोखी है क्योंकि इसमें हड्डी की पूरी लंबाई पर ऑपरेशन करना, तथा एक साथ दो प्रमुख जोड़ों को बदलना, उसकी जगह कृत्रिम अंग लगाना, तथा एक साथ कंधे और कोहनी के जोड़ों को फिर से बनाना शामिल है। इसके लिए एडवांस्ड सर्जिकल विशेषज्ञता और ह्यूमरस हड्डी की न्यूरो वैस्कुलर और मांसपेशीय शारीरिक रचना का सम्पूर्ण ज्ञान आवश्यक है। आमतौर पर, इस प्रकार की सर्जरी ओस्टियोसार्कोमा, इविंग सारकोमा और कोंड्रोसारकोमा जैसे हड्डी के ट्यूमर के लिए बताई होती है, जो ह्यूमरस हड्डी को नष्ट कर सकते है।

डॉ. अनुराग अग्रवाल, क्लीनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद कहते हैं, सज्जाद हलूब का केस हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बार-बार होने वाले संक्रमण के कारण उनकी हड्डी पूरी तरह से खराब हो गई थी और ऊपरी बांह की हड्डी का टोटल रिप्लेसमेंट की एकमात्र ऑप्शन था जो सफल हो सकता था। इस सर्जरी के बिना, मरीज के हाथ का ऊपरी हिस्सा काम करना बंद कर देता, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ता। इस ऑपरेशन में दो प्रमुख जोड़ों – कंधे और कोहनी – को रिप्लेस किया गया जिसके लिए महत्वपूर्ण न्यूरो वैस्कुलर संरचनाओं के आसपास सावधानीपूर्वक नेविगेशन (एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचना) की आवश्यकता थी।”

हालांकि ओस्टियोसार्कोमा, इविंग सारकोमा और कोंड्रोसारकोमा जैसे हड्डी के ट्यूमर के इलाज के लिए अक्सर टोटल ह्यूमरस रिप्लेसमेंट करने के लिए कहा जाता है, हलूब का मामला क्रोनिक संक्रमण के कारण हड्डियों में खराबी की गंभीरता के कारण अनोखा था। ह्यूमरस हड्डी के न होने का मतलब था कि प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक योजना बनाकर किया जाना था ताकि ह्यूमरस के आसपास स्थित महत्वपूर्ण संरचनाओं, जैसे नर्व्स और ब्लड वेसेल्स (रक्त वाहिकाओं) को नुकसान पहुँचने से बचाया जा सके।

डॉक्टरों की टीम को युवा रोगी के इलाज के लिए एक अत्याधुनिक सर्जिकल विधि का सहारा लिया। इस सर्जरी में अत्याधुनिक इम्प्लांट का उपयोग किया गया, जो अपने सकारात्मक परिणामों के लिए जाना जाता है। यह इम्प्लांट (प्रत्यारोपण) भी प्राकृतिक ह्यूमरस हड्डी की संरचना और फंक्शन की तरह ही कार्य करता है, जिससे कंधे और कोहनी फिर से कार्य करने लगते हैं। यह दुर्लभ प्रक्रिया केवल चुनिंदा केंद्रों में ही की जाती है, जहां ऐसे जटिल मामलों को संभालने के लिए सर्जिकल कौशल और तकनीकी क्षमताएं उपलब्ध हों।

डॉ. विनीत कर्ण, एसोसिएट कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद कहते हैं, “यह सर्जरी सिर्फ हड्डी बदलने के बारे में नहीं है; बल्कि यह मरीज को सामान्य जीवन जीने का दूसरा मौका देने के बारे में है। हलूब की पूरी ह्यूमरस हड्डी को बदल दिया गया और इम्प्लांट को सटीक तरीके से लगाने पर, हम मरीज के कंधे और कोहनी की उचित मूवमेंट को सुनिश्चित करने में सक्षम हुए, जो कि इस तरह के एडवांस्ड मामले के लिए एक दुर्लभ परिणाम है। फरीदाबाद में पहली बार ऐसी अनोखी सर्जरी करना हमारे हॉस्पिटल के लिए गर्व का क्षण है और यह हमारे द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के बारे में बहुत कुछ बताता है। मरीज़ की रिकवरी अनूठी रही है और हम उनके जीवन को बदलने में भूमिका निभाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं।”

इस जटिल प्रक्रिया के लिए आर्थोपेडिक सर्जनों, एनेस्थिसियोलॉजिस्टों और रिहैबिलिटेशन स्पेशलिस्ट्स की एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने मिलकर काम किया। सर्जरी की सफलता टीम की बारीक़ शारीरिक संरचना को समझने की क्षमता पर निर्भर थी, सुनिश्चित किया कि न्यूरोवैस्कुलर संरचनाएं बरकरार रहीं, जबकि प्रभावित अंग की कार्यक्षमता भी वापस आ गई। सर्जरी के बाद, मरीज़ को अच्छी रिकवरी का अनुभव हो रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरीज के हाथ के ऊपरी हिस्से में दोबारा से ताकत और गतिशीलता आ जाए, ऑपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी शुरू कर दी गई है। मरीज़ सज्जाद हलूब ने डॉक्टरों की टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और कहा, “मैं मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों और पूरी टीम का बहुत आभारी हूं। वर्षों के दर्द, सर्जरी और निराशा के बाद, अंततः मुझमें फिर से आशा मिली है।”

सत्यम धीरज फैसिलिटी डायरेक्टर, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद ने कहा कि “मैं डॉ. अनुराग अग्रवाल और उनकी टीम को इस जटिल और अपनी तरह की अनूठी सर्जरी करने के लिए बधाई देता हूं। मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में, हमारा ध्यान सबसे एडवांस्ड उपचार विकल्प प्रदान करने और हमारी चिकित्सा टीम की विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर है ताकि स्वास्थ्य सेवा में जो संभव है उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाया जा सके। इस सर्जरी की सफलता, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों को शीर्ष स्तरीय स्वास्थ्य सेवा समाधान प्रदान करने के लिए मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स की जिम्मेदारी की मिसाल देती है।

Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube
Share. Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram Copy Link
faridabadnews24

Related Posts

लेबलब्लाइंड और टीपीसीआई ने ईयू लेबलिंग वेबिनार सफलतापूर्वक संपन्न किया, 300+ भारतीय फूड एक्सपोर्टर्स ने किया पंजीकरण..

April 15, 2026

महंगाई का नया झटका: जानें कितना महंगा हुआ, 1 अप्रैल से 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर के दाम में भी भारी उछाल

April 1, 2026

कोई भी नहीं जानता होगा जवाब, गैस सिलेंडर के नीचे क्यों होते हैं ऐसे छोटे छेद?

March 11, 2026

Comments are closed.

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • देश-विदेश
  • फरीदाबाद
  • हरियाणा
  • कारोबार
  • क्राईम
  • मनोरंजन

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSe.
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.