
International Yoga Day 2025: नेता हो, अभिनेता हो या क्रिकेटर, आपने अक्सर किसी ना किसी सेलिब्रिटी को योग करते हुए देखा जरूर होगा. योग केवल सेहतमंद रहने का तरीका नहीं बल्कि लाइफस्टाइल बन गया है. भारत समेत दुनियाभर के देशों के लोग योग की ताकत को समझ गए हैं और इसे अपना रहे हैं.
योग क्या है
योग केवल फिजिकल एक्टिविटी नहीं है. कुछ लोग इसे व्यायाम समझते हैं जो गलत है. योग एक प्रणाली जिसमें शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनता है और सब एक दूसरे से जोड़ते हैं. योग संस्कृत शब्द युज से बना है जिसका मतलब है जोड़ना. योग से बॉडी बैलेंस होती है, दिमागी शांति मिलती है और शरीर निरोगी बनता है. योग में आसन, प्राणायाम, ध्यान, शुद्धि क्रिया और विचार शामिल है. योग इंसान की पूरी पर्सनैलिटी को बदल देता है.
योग केवल फिजिकल एक्टिविटी नहीं है. कुछ लोग इसे व्यायाम समझते हैं जो गलत है. योग एक प्रणाली जिसमें शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनता है और सब एक दूसरे से जोड़ते हैं. योग संस्कृत शब्द युज से बना है जिसका मतलब है जोड़ना. योग से बॉडी बैलेंस होती है, दिमागी शांति मिलती है और शरीर निरोगी बनता है. योग में आसन, प्राणायाम, ध्यान, शुद्धि क्रिया और विचार शामिल है. योग इंसान की पूरी पर्सनैलिटी को बदल देता है.
भगवान शिव को माना जाता है पहला योगी
योग एक अनुशासन है जो जिंदगी बदलने की ताकत रखता है. माना जाता है कि भगवान शिव आदियोगी थे यानी पहले योगी (योग गुरु) . लगभग 15 हजार साल पहले उन्होंने हिमालय पर्वत पर ध्यान लगाने के बाद अपने योग का ज्ञान 7 शिष्यों को दिया था. इन्हीं शिष्यों ने योग का प्रचार-प्रसार किया.
योग एक अनुशासन है जो जिंदगी बदलने की ताकत रखता है. माना जाता है कि भगवान शिव आदियोगी थे यानी पहले योगी (योग गुरु) . लगभग 15 हजार साल पहले उन्होंने हिमालय पर्वत पर ध्यान लगाने के बाद अपने योग का ज्ञान 7 शिष्यों को दिया था. इन्हीं शिष्यों ने योग का प्रचार-प्रसार किया.
ऋग्वेद में मिलता है जिक्र
1893 में दुनिया ने जानी योग की ताकत
अगर आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने योग को पॉपुलर बनाया तो आप गलत है. योग की ताकत सबसे पहले दुनिया को 1893 में पता चली. इसका श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है. इस साल उन्होंने शिकागो में विश्व धर्म संसद में भाषण दिया और योग को दुनिया से परिचित कराया. धीरे-धीरे परमहंस योगानंद, बी.के.एस. अयंगर जैसे योग गुरुओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को विदेशियों की जीवनशैली का हिस्सा बनाया.
अगर आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने योग को पॉपुलर बनाया तो आप गलत है. योग की ताकत सबसे पहले दुनिया को 1893 में पता चली. इसका श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है. इस साल उन्होंने शिकागो में विश्व धर्म संसद में भाषण दिया और योग को दुनिया से परिचित कराया. धीरे-धीरे परमहंस योगानंद, बी.के.एस. अयंगर जैसे योग गुरुओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को विदेशियों की जीवनशैली का हिस्सा बनाया.
हॉलीवुड एक्ट्रेस ने बनाया ट्रेंड
योग को पॉपुलर ट्रेंड बनाने में हॉलीवुड का बहुत बड़ा हाथ है. 1940 के दशक में हॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस यूजेनिया पीटरसन ने योग को अपनाया और इसे लोगों के बीच मशहूर किया. उन्हें वेस्ट हॉलीवुड में योग स्टूडियो भी खोला जिसके बाद अमेरिका के अमीर लोगों के बीच यह खूब पॉपुलर हुआ. यूजेनिया पीटरसन को बाद में इंदिरा देवी नाम दिया गया और उन्हें ‘First Lady of Yoga’ कहा जाने लगा l
योग को पॉपुलर ट्रेंड बनाने में हॉलीवुड का बहुत बड़ा हाथ है. 1940 के दशक में हॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस यूजेनिया पीटरसन ने योग को अपनाया और इसे लोगों के बीच मशहूर किया. उन्हें वेस्ट हॉलीवुड में योग स्टूडियो भी खोला जिसके बाद अमेरिका के अमीर लोगों के बीच यह खूब पॉपुलर हुआ. यूजेनिया पीटरसन को बाद में इंदिरा देवी नाम दिया गया और उन्हें ‘First Lady of Yoga’ कहा जाने लगा l
डिजिटल होती दुनिया से बढ़ा योग टूरिज्म
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया. तब से हर साल पूरी दुनिया में इस दिन योग से जुड़े कार्यक्रम होते हैं. लेकिन 2020 में जब कोरोना आया और लोग सेहतमंद रहने के तरीके ढूंढ रहे थे और मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखना चाहते थे तो योग ने ही उनकी मदद की. इस दौरान लोग डिजिटल दुनिया की मदद से ऐप्स, यूट्यूब चैनल और ऑनलाइन क्लासेज लेकर योग सीखने लगे. वहीं ऋषिकेश दुनियाभर में योग सीखने के लिए ग्लोबल सेंटर बन गया. आज लाखों लोग देश-विदेश से यहां योग सीखने पहुंचते हैं. इससे योग टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला है l
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया. तब से हर साल पूरी दुनिया में इस दिन योग से जुड़े कार्यक्रम होते हैं. लेकिन 2020 में जब कोरोना आया और लोग सेहतमंद रहने के तरीके ढूंढ रहे थे और मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखना चाहते थे तो योग ने ही उनकी मदद की. इस दौरान लोग डिजिटल दुनिया की मदद से ऐप्स, यूट्यूब चैनल और ऑनलाइन क्लासेज लेकर योग सीखने लगे. वहीं ऋषिकेश दुनियाभर में योग सीखने के लिए ग्लोबल सेंटर बन गया. आज लाखों लोग देश-विदेश से यहां योग सीखने पहुंचते हैं. इससे योग टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला है l
NEWS SOURCE Credit :news18
