गुरु गोरखनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब एवं संयुक्त आंदोलन परिषद के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने बयान जारी कर कहा कि मानव शब्द भारतीय सनातन समाज के संरक्षण संवर्धन के लिए अहिंसक रामराज्य संविधान संस्कृति को बचाकर लाया जा सकता है लोकतंत्र में लोक लुभावने नारे संवाद जुमलेबाजी करते हैं जिन्हें धरातल पर नहीं उतारा जा सकता है इसी कारण से सर्वत्र अशांति घृणा नफरत हिंसा अलगाववाद धर्मांधता कट्टरवाद का वातावरण देखने को मिलता है जो वास्तव में हमारी सभ्यता संस्कृति संविधान के आधारभूत सिद्धांतों विचारों के खिलाफ है
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी संत विनोवा भावे आदि महापुरुषों ने भी और रामराज्य की स्थापना की परिकल्पना हेतु संकल्प लिया था किंतु राम राज्य के विरोधी सोच विचारधारा रखने वाले काले अंग्रेजो ने योजनाबद्ध ढंग से उनकी हत्या करवा दी संभवत लोकतंत्र के संरक्षक प्रहरी भारत के मतदाता गण अतीत की इतिहास घटनाक्रमों को बुलाकर केवल मात्र रोटी कपड़ा मकान दुकान पकवान शराब कबाब भौतिकवाद का जीवन यापन करने तक की संकुचित सोच विचार धाराओं में सीमित हो गए हैं या कहें तो इस दलदल सोच में फंस चुके हैं नही तो जिसके कारण भारत की संस्कृती अर्थव्यवस्था महंगाई बेरोजगारी भुखमरी उत्पादन आदि पर प्रभाव नहीं पड़ता कोरोना संक्रमण महामारी भी भारत की धरती पर दस्तक नहीं दे पाता जो समाज देशवासी अपने गौरवपूर्ण अतीत कालीन इतिहास को भूल जाते हैं उनका वर्तमान भविष्य अंधकार में हो जाता है आज हम संसार के देशों के साथ अपनी असफलताओं की तुलना टीवी चैनल डिजिटल स्तोत्र के माध्यम से कर देते हैं किंतु उन देशों के विकास अच्छे गुणों के बारे में कभी भी चर्चा या तुलना नहीं करते हैं जो पक्षपातपूर्ण सोच है भारत में शिक्षा स्वास्थ्य पालन पोषण खानपान की स्थिति अत्यंत दयनीय होती जा रही है कुपोषणता बढ़ती जा रही है जिसका मूल कारण पश्चात्(पष्चिमी देश) जगत के तरफ लगाव उनकी संस्कृति का अंधानुकरण वादी होना या सही मायने में कहें उनकी संस्कृति की नकल करना जिसका प्रभाव हमारी सोच चिंतन मान मर्यादा पर पड़ रहा है
जिससे देश समाज में संबंध परिवार के व्यवहार सोच में नित्य प्रति गिरावट होती जा रही है जिस कारण से हमारे देश समाज की व्यवस्था भगवान भरोसे है आजादी के पश्चात मजबूत आधारशिला रखने के कारण से देश आत्मनिर्भर स्वावलंबी विकास के मार्ग पर चलता रहा था जिसके कारण से आज इतनी दयनीय परिस्थिति होने के बाद भी भारत अखंड है एवं चुनौती का सामना कर रहा है जिसे सुधारने की अति आवश्यकता है आज संसार को विशेष रूप से भारत को भारत बनाकर रखने के लिए अहिंसक रामराज्य की आवश्यकता है जो लोकतंत्र संविधान में प्राप्त लोगों के समस्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करें तथा भारत की पुरातन सनातन संस्कृति की भी रक्षा करें अब समय आ गया है कि देश के लोग संकल्प के साथ लोग लुभावने मनमोहक जयकारो और नारों भाषणों जुमलों से सावधान रहें तभी जाकर अहिंसक राम राज्य की स्थापना हो सकेगी खाली ताली थाली जय घोष कर हम राम राज्य की स्थापना का दिखावा तो कर सकते हैं जैसा निरन्तर कुछ वर्षों से होता आ रहा है
वास्तविक में अहिंसक रामराज्य की स्थापना एवं लोकतंत्र और भारत के संविधान से प्राप्त मानवीय मूल्य एवं अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं लोकतंत्र संविधान आपसी भाईचारा गंगा जमुनी संस्कृति के रक्षार्थ सभी मिलकर रहें चलें जिससे हमारा राष्ट्रीय समाज अनेक चुनौतियों को मुंहतोड़ जवाब दे सके देश में रोटी- रोटी काम धंधे की समस्या आ खड़ी हुई है जिसका दर्द प्रवासी किसान मजदूर नौजवान भली-भांति जान चुके हैं प्रवासी लोगों के साथ कैसा व्यवहार हुआ है केंद्र – राज्य सरकार राजनीतिक दलों के द्वारा किया गया है उस व्यवहार ओर समय को कभी भी देश प्रदेशों की प्रवासी मजदूर भुला नहीं सकते हैं आइए हम सभी मिलकर भारतीय संविधान संस्कृति लोकतंत्र की रक्षा के लिए अहिंसक राम राज्य को स्थापित करने में अपना पूर्ण सहयोग और योगदान करें।
