फरीदाबाद : मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान करने में पुलिस की ढील का असर शहर में यातायात नियमों के जमकर उल्लंघन के तौर पर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। अनलॉक-1 में लोगों को कई तरह की छूट मिली हैं, इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। परोक्ष रूप से प्रशासन भी चाहता है कि लोग लॉकडाउन से बाहर निकलें और अपने काम धंधों को संभालें। इसलिए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत होने वाले चालानों में ढील दी गई है। पिछले करीब तीन हफ्ते से यातायात नियमों के उल्लंघन का कोई चालान नहीं किया है। इससे पहले लॉकडाउन के दौरान भी यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान की संख्या बेहद कम रही थी। पुलिस द्वारा दी जा रही इस ढील का अब लोगों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दोपहिया वाहन चालक कर रहे सबसे ज्यादा उल्लंघन
सितंबर 2019 से प्रदेश में मोटर व्हीकल संशोधित अधिनियम लागू हो गया है। इसके तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर 10 गुना चालान का प्रावधान किया गया। इस अधिनियम के लागू होने के बाद यातायात नियमों का पालन लोगों की आदत में शुमार होने लगा था। लोग ना केवल हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सामान्य नियमों का पालन करने लगे, बल्कि रेड लाइट और जेब्रा क्रॉसिग का पालन करने वालों की संख्या भी बढ़ गई थी। मगर अब फिर लोग पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं। यातायात नियमों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को दैनिक जागरण टीम ने शहर के विभिन्न चौराहों का दौरा किया। नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन दोपहिया वाहन चालकों द्वारा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट नजर आए।
इसके अलावा दोपहिया वाहन पर तीन लोग बैठे दिखना भी आम है। रेड लाइट का उल्लंघन करने वालों की संख्या भी बढ़ गई गई। जेब्रा क्रॉसिग को लेकर भी लोग उतने जागरूक नहीं दिखे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालान ना करने को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई आदेश नहीं है। अनलॉक-1 के दौरान लोग घरों से बाहर निकलना शुरू हुए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि लोग कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने कामों पर दोबारा लौटें। इसलिए परोक्ष रूप से छूट दी जा रही है, मगर इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं कि चालान नहीं किए जाएंगे। अगर कोई जानबूझ कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर आमादा ही है, तो उसका चालान होगा ही।
-इंस्पेक्टर सुभाष, प्रभारी, यातायात थाना
