सावन कृपाल रूहानी मिशन/साइंस ऑफ स्प्रिचुएलिटी COVID-19 के संकट की इस घड़ी में विश्वभर में फैली इस महामारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अलावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यरत है। जिसके तहत लिस्ले, शिकागो में स्थित मिशन के पष्चिमी देशों के मुख्यालय साइंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी में एक अभियान की शुरूआत की गई। लोगों की निष्काम सेवा करना इस मिशन के मुख्य सिद्धांतों में से एक है। अपने इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए मिशन ने अनेक धर्मार्थ समूहों के साथ मिलकर इस महामारी से प्रभावित लोगों का मानसिक उपचार करने के लिए संपूर्ण विश्वभर में कार्यक्रम की शुरूआत की है।
स्थानीय धर्मार्थ समूहों के साथ मिलकर कार्य करना इस मिशन के लिए कोई नई बात नहीं है। फिर भी यह महामारी हर व्यक्ति से अधिक से अधिक सहायता करने की उम्मीद रखती है। मिशन के सेवादारों ने इस चुनौती को पूरा किया है। पिछले 30 दिनों से मिशन द्वारा अमेरिका की प्रमुख भोजन वितरण करने वाली संस्थाएं जिनमें प्यूपल रिसोर्स सेंटर, लिस्ले टाऊनशिप फूड पेंट्री, वेस्ट सबर्बन कम्यूनिटी पेंट्री और ह्यूमेटेरियन सर्विस प्रोजेक्ट हैं, को 2500 किलो (5000 पाउंड) से अधिक शाकाहारी खाद्य सामग्री महामारी से पीड़ित लोगों को वितरण के लिए दी गई है। इसके अलावा मिशन द्वारा पीड़ित लोगों की सहायता के लिए महामारी से बचाव के उपकरणों को भी स्थानीय प्रशासन को भेंट किया गया।
मिशन द्वारा गिविंग डयूपेज के एक कार्यक्रम में उनकी कार्यकारी निर्देशक शैफाली त्रिवेदी के साथ मिलकर महामारी से पीड़ित लोगों की आर्थिक सहायता के लिए धन इकट्ठा किया गया। शिकागो, अमेरिका में स्थित नौ धर्मार्थ संस्थाओं ने, (गिविंग डयूपेज, डयूपेज सोशल सर्विस एसोसिएशन, गार्डन वर्क्स प्रोजेक्ट, डयूपेज फडरेशन ऑन ह्यूमन सर्विसेज़, ब्रिज कम्यूनिटीज़, डयूपेज हैल्थ मैटर्स, असिसटेन्स लीग शिकागोलेंड वेस्ट, प्यूपल्स रिर्सोस सेंटर और ह्यूमेटेरियन सर्विस प्रोजेक्ट), इस चुनौती को स्वीकार किया तथा पूण रूप से पूरा किया।
श्रीमती त्रिवेदी ने कहा कि, ”हम साइंस ऑफ स्प्रिचुएलिटी मेडिटेशन सेंटर के बहुत ही आभारी हैं, जिन्होंने काफी कम समय में इतनी बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की जोकि अपने आप में बहुत ही मायने रखती है। इसके अलावा मिशन द्वारा हमें अनेक कार्यों में दी गई आर्थिक सहायता एक सराहनीय कदम है। हम उम्मीद करते हैं कि मिशन द्वारा भविष्य में भी हमारी मदद के लिए उनकी यह सहायता जारी रहेगी। इस मिशन ने हमारे समाज के सामने निष्काम सेवा का एक उच्च-कोटि का उदाहरण पेश किया है।“
साइंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आपदाओं के समय पीड़ितों की आर्थिक सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहता है। अमरीकेयर्स जो विश्व की जानी-मानी स्वास्थ्य आपातकालीन धर्मार्थ संस्था है, ने साइंस ऑफ स्प्रिचुएलिटी को आर्थिक सहायता प्रदान करने वालों की सूची में मुख्य स्थान दिया है।
महामारी के संकट की इस घड़ी में आर्थिक सहायता प्रदान करने के अलावा मिशन द्वारा पीड़ितों के मानसिक उपचार के लिए परस्पर मैत्री-भाव और बातचीत के ज़रिये उनकी चिंता और तनाव को दूर किया जा रहा है। मिशन के सहयोग से डयूपेज कन्वेंशन ब्यूरो ने ऑन लाइन मेडिटेशन कक्षाओं का आयोजन किया है जोकि बहुत ही सफल रहा है, जिसमें वहां के स्थानीय लोगों के अलावा अमेरिका के विभिन्न राज्यों के हजारों लोगों ने भाग लेकर इस महामारी में अपने आपको शांत और तनावमुक्त पाया है।
डीसीवीबी लोगों के अच्छे स्वास्थय और उनके लिए खान-पान संबंधी कार्यशालाओं का आयोजन करता रहता है। इस संस्था के कार्यकारी निर्देशक बेथ मर्चेटी ने अपने संदेश में कहा कि, ”मिशन द्वारा दिया गया यह सहयोग अपने आप में निष्काम सेवा का उदाहरण है जिसके द्वारा हम यह जान पाते हैं कि महामारी के चुनौती भरे इस समय में हम किस तरह से अपनी आत्मा, मन और शरीर को बेहतर अवस्था में लाकर शांतिपूर्ण वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।“
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के तत्वाधान में साइंस ऑफ स्प्रिचुएलिटी सेंटर जोकि एक आध्यात्मिक संस्था है, विश्वभर में ध्यान-अभ्यास द्वारा लोगां के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए समर्पित है। लोगों की निष्काम सेवा करना इस मिशन का मुख्य सिद्धांत है। इसके लिए मिशन द्वारा समय-समय पर ध्यान-अभ्यास की मुफ्त कार्यशालाएं, कक्षाएं और व्याख्यानों का आयोजन किया जाता है, जिसमें शारीरिक और मानसिक के साथ-साथ आध्यात्मिक विषयों को भी समझाया जाता है। वर्तमान समय में इस महामारी की वजह से काफी रूकावटें होने के बावजूद भी मिशन द्वारा ऑन-लाइन कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिनसे आप www.sos.org पर जाकर फायदा उठा सकते हैं।
