फरीदाबाद : पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी ने एक बार फिर लोगों को पसीने-पसीने होने पर मजबूर कर दिया है और इस भीषण गर्मी में तपती धूप में कोरोना की जांच के लिए सैंपल देने के लिए घंटों इंतजार करना पड़े, तो हालत क्या होगी। इसकी पीड़ा सैंपल देने आए लोग ही बता सकते हैं। कोरोना जांच के लिए सैंपल देने राजकीय बादशाह खान अस्पताल में स्थित आइडीएसपी लैब में पहुंच रहे लोगों के लिए न तो पीने का पानी और न इंतजार करने को को उचित व्यवस्था। लोग पेड़ के नीचे और धूप में घंटों खड़े होकर अपनी बारी के आने का इंतजार करते हैं। वहीं सैंपल लेने वाले टेक्नीशियन के लिए भी कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं। पीपीई किट पहनकर टेक्नीशियन छह घंटे तक सैंपल लेते हैं। इनके लिए पंखे तक नहीं लगवाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री रहा है और कोरोना का संक्रमण भी लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते रोजाना 400 से अधिक लोग सैंपल देने के आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई है। नाम मात्र के लिए एक-दो बेंच लगाई गई है। कोरोना के संक्रमण के चलते एक-दो लोग ही बैठ पाते हैं। अन्य सभी को पेड़ के नीचे लाइन में इंतजार करते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी की कोई व्यवस्था नहीं किए जाने पर लोग अपने साथ पानी ला रहे हैं। वहीं आइडीएसपी लैब में भी कोई पंखा नहीं लगा हुआ है। ऐसे में लैब टेक्नीशियन को पीपीई किट पहनकर उमस भरी गर्मी में सैंपल लेने को मजबूर हैं। टेक्नीशियन को धूप से बचाने के लिए लैब में टीन शेड लगे हुए हैं, लेकिन वह तपते हैं।
व्यवस्थाओं के अलावा डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों का व्यवहार अच्छा नहीं है। सुबह से चक्कर लगवा रहे हैं। लैब के शुरू होने का समय सुबह आठ बजे हैं, लेकिन सैंपलिग 11 बजे से शुरू हुई।
– राधा कृष्ण, एनआइटी पांच
स्वास्थ्य विभाग सीमित संसाधनों में संदिग्धों के बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की कोशिश कर रहा है। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
– डॉ. रामभगत, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
