
फरीदाबाद के पाली से सूरजकुंड स्थित मानव रचना कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर जंगल क्षेत्र में बड़ी संख्या में गौवंश के अवशेष मिलने की सूचना से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे क्षेत्र में हलचल मच गई। सूचना मिलने के बाद सूरजकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध दिखाई देने के कारण पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जानकारी के अनुसार गौ-रक्षा दल के कुछ सदस्यों ने पुलिस को सूचना दी थी कि पाली से सूरजकुंड की ओर जाने वाले रास्ते पर जंगलों के बीच स्थित एक खाली मैदान में कई मृत गौवंशों के अवशेष पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस ने वहां मौजूद अवशेषों की जांच की तथा यह पता लगाने का प्रयास किया कि आखिर इतने बड़े स्तर पर गौवंश के अवशेष वहां कैसे पहुंचे।
नगर निगम द्वारा ठेके पर दी गई है जमीन मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस स्थान पर अवशेष मिले हैं, वह नगर निगम द्वारा ठेके पर दी गई अधिकृत जगह है। इस स्थान का उपयोग शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मृत पाए जाने वाले गोवंशों के शवों को लाने और उनके निस्तारण के लिए किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि यह स्थान लंबे समय से इसी उद्देश्य के लिए उपयोग में लिया जा रहा है और इसके संचालन की अनुमति संबंधित विभाग द्वारा दी गई है।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना गौ-रक्षा दल की ओर से प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर जब जांच की गई तो पता चला कि यह नगर निगम की ओर से ठेके पर दी गई जगह है, जहां मृत गोवंशों को लाकर उनका निस्तारण किया जाता है। उन्होंने बताया कि गौ-रक्षा दल के लोगों को इस स्थल के बारे में जानकारी नहीं थी, क्योंकि वहां किसी प्रकार का सूचना बोर्ड या पहचान संबंधी संकेतक नहीं लगा हुआ था।
घेराबंदी और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश थाना प्रभारी ने बताया कि इसी कारण भ्रम की स्थिति बनी और लोगों ने इसे संदिग्ध मानते हुए पुलिस को सूचना दी। मामले की जांच के बाद संबंधित ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया और उसे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने उसे स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्थल की उचित घेराबंदी कराई जाए और वहां एक बड़ा साइन बोर्ड लगाया जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि यह नगर निगम द्वारा अधिकृत स्थान है और यहां मृत गोवंशों के निस्तारण का कार्य किया जाता है। गोहत्या की बात सामने नहीं आई पुलिस के अनुसार मामले में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या गोहत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। यह केवल जानकारी के अभाव और सूचना बोर्ड न होने के कारण उत्पन्न हुआ भ्रम था, जिसे जांच के बाद स्पष्ट कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्ष को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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