फरीदाबाद : अखिल भारतीय संत एकता आंदोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने एक बयान जारी कर कहा कि जो हमारे सेना के जवान शहीद हुए हैं उनको नमन करते हुए देश एवं विश्व के शासकों से आग्रह एवं सुझाव देते हुए कहा है कि अपनी सत्ता के लिए नूरा कुश्ती लड़ रहे हैं वह बंद होनी चाहिए उनके देश की जनता मूकदर्शक बने देख रही है तथा समय की प्रतीक्षा कर रही है जो सबसे बड़ा झूठ बोलेगा वह सबसे बड़ा नेता कहलायेगा संपूर्ण विश्व तनावग्रस्त है युवा वर्ग बेरोजगार है चारों तरफ महंगाई भुखमरी कुपोषण अलगाववाद का माहौल है स्वास्थ्य शिक्षा पर स्थाई रूप से ग्रहण लगा हुआ है नेतागण बड़े-बड़े भाषण एवं प्रचार माध्यमों द्वारा झूठे आश्वासनों से मूर्ख बना रहे हैं
भाषण एवं झूठे आश्वासनों से अपने देश के लोगों का पेट भर रहे हैं संपूर्ण विश्व में युद्ध जैसा वातावरण बना हुआ है कुछ देश अपने रक्षा सौदे को अमलीजामा पहनाने में आतुर तथा व्याकुल हैं कोई भी नेतृत्व शांति सद्भाव मानवता की बात नहीं कर रहा है एक दूसरे को मूर्ख बनाने में सक्रिय हैं जो जग जाहिर है भारत पाक चीन नेपाल तिब्बत का टकराव जगजाहिर हो चुका है ऐसा क्यों हुआ? विचारणीय विषय है जिस पर कूटनीतिक रूप से भावनात्मक रूप से विचार करने की आवश्यकता है उपरोक्त देशों के साथ वर्तमान वातावरण का उत्पन्न होना मात्र संयोग है या प्रयोग है या जुमलेबाजी है यह समझना होगा. “बद अच्छा बदनाम नहीं अच्छा” की कहावत चरितार्थ होती दिख रही है आज हमारे देश का नेतृत्व अपने बड़े भोलेपन के कारण अपने पड़ोसियों का विश्वास खो चुका है हमारे सनातन पड़ोसी नेपाल भी अपना अलग राग अलाप रहे हैं जो चिंता का विषय है नेपाल सदैव भारत के साथ अंतः करण के साथ रहा है एवं रहेगा भी लेकिन हमारे नेतृत्व को गंभीर पूर्वक सूचना होगा निश्चित रूप से जाने अनजाने में कोई गलती गलतफहमी या नीतियों में फेरबदल करनी होगी जिससे वर्तमान स्थिति को अचानक उत्पन्न कर दिया संपूर्ण विश्व भारत नेपाल के संबंधों को लेकर व्याकुल एवं चिंतित है
भारत-नेपाल संबंधों को लेकर सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री का बयान प्रशंसनीय है लेकिन अन्य नेताओं का बयान आग में घी डालने वाला था जिससे तनाव बढ़ा है जोकि राजनीतिक परंपरा परिपाटी के खिलाफ दिखाई पड़ रहा है हम सभी को राजनीतिक रोटी सेकने से बचना होगा भारत-नेपाल संबंधों पर बयान देने के लिए अनुशासन मर्यादा का भी ध्यान रखना होगा कि दोनों देशों के संबंध कैसे हैं एवं किस दिशा की ओर जा रहे हैं हनुमान जी के मंदिर का प्रसाद नहीं है कि घूम घूम कर लोगों में बांट दो और ना ही कोई लोकसभा विधानसभा के चुनाव का माहौल है जो चाहे बोल दो और बाद में चुप्पी साधे लो भारत नेपाल पार्क चीन के संबंधों के बारे में संपूर्ण विश्व जानता है भारत को कमजोर करने में पश्चिम देश निरंतर सक्रिय हैं जिसमें प्रबल भूमिका अमेरिका निभाए ही रहा है ट्रंप के भारत भ्रमण के पश्चात देश की अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ा है किससे छुपा है लेकिन आज भी इस सच्चाई को हमारा कुशल सर्व शक्तिशाली नेतृत्व मानने को तैयार नहीं है आखिर क्यों?
क्या अकेले अमेरिका ही हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करेगा?
किसी अन्य पड़ोसी देशों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी?
संपूर्ण संसार की परवरिश अमेरिका ही कर रहा है?
इन जैसी अन्य तमाम बातों पर चिंतन मंथन सकारात्मक रचनात्मक सृजनात्मक भावनात्मक सोच विचार कर एवं निर्णय लेने की आवश्यकता है तभी विश्व गुरु भारतम् का सपना निरंतर साकार कर पाएंगे पड़ोसी के विरोध करने दोषारोपण करने से क्या हमारा भला होगा? यह समझने की जरूरत है देश का नेतृत्व आंख मिचौली का खेल खेलना बंद करें यथार्थ को शिकार एवं देश हित में कठोर कदम उठाए अन्यथा अर्थव्यवस्था के साथ-साथ और रक्षा सुरक्षा व्यवस्था के लिए समस्या उत्पन्न होने वाली है कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के चलते नौजवान किसान मजदूर लघु कुटीर उद्योग विशेष रूप से युवा वर्ग मध्यम वर्ग परेशान है संपूर्ण देश तनावग्रस्त है हमारे सेना के जवानों की शहादत व्यर्थ ना जाए इसके लिए केंद्र सरकार साम दाम दंड भेद का प्रयोग करने में संकोच ना करें।
