नई दिल्ली : उत्तरी दिल्ली निगम के वार्ड समितियों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के होने वाले चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव में जिस निर्दलीय पार्षद पूनम ने भाजपा ज्वाइन की थी बृहस्पतिवार को उसने आम आदमी पार्टी (आप) से पर्चा भर नरेला जोन अध्यक्ष पद के लिए दावा कर दिया है। हालांकि, इससे भाजपा के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगी क्योंकि भाजपा पहले से बहुमत में हैं। अगर पार्षदों ने दल बदल नहीं किया तो भाजपा के उम्मीदवारों की जीत तय है। हालांकि, भाजपा पार्षद पूनम का AAP की ओर से पर्चा भरने से सबको चौंका दिया है और मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
इस जोन में भाजपा ने पूर्व नेता सदन जयेंद्र डबास को अध्यक्ष और सविता को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार उतारा है। इतना ही नहीं मनोनीत सदस्य विजेंद्र यादव को भाजपा ने स्थायी समिति के सदस्य के साथ उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार भी बनाया है। जोन में संख्या बल की बात करें तो कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या 16 है, लेकिन इस जोन से छह सदस्य मनोनीत भी हैं। इसमें से दो मनोनीत और एक निर्दलीय सदस्य भाजपा में शामिल हो चुके हैं जिससे भाजपा के सदस्यों की संख्या 12 हो गई हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के पास चार निर्वाचित और चार मनोनीत के साथ ही एक निर्दलीय जो भाजपा में शामिल हो गई थी उसे तोड़कर अपने सदस्यों की संख्या 9 कर ली है।
वहीं एक सीट इस समय खाली पड़ी हैं क्योंकि वह सदस्य अब विधानसभा के सदस्य बन चुके हैं। सिविल लाइंस और सदर पहाड़गंज में देखने लायक होगा मुकाबलानरेला जोन के साथ ही सिविल लाइंस व सदर पहाड़गंज जोन में मुकाबला देखने लायक होगा। क्योंकि एक जोन में भाजपा और आप की टक्कर होगी तो वहीं दूसरे जोन में कांग्रेस और आप की टक्कर होगी। हालांकि भाजपा अब तक सिविल लाइंस जोन में जीतती आई है और कांग्रेस सदर पहाड़गंज जोन में जितती रही है। लेकिन, दोनों दलों के उम्मीदवार खड़े होने से मुकाबला देखने लायक होगा।
