इंडियन रेलवे ने नियमित ट्रेनों के लिए 14 अप्रैल या उससे पहले बुक किए गए सभी टिकटों को रद्द करने की घोषणा की है. साथ ही इन टिकटों का पूरा रिफंड देने की बात कही है. रेलवे बोर्ड ने कहा, ‘रेल मंत्रालय ने यह तय किया है कि नियमित ट्रेनों के लिए 14 अप्रैल 2020 तक या उससे पहले बुक किए गए सभी ट्रेन टिकटों को रद्द कर दिया जाए. साथ ही इन टिकटों का पूरा रिफंड किया जाए.’
बता दें कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए रेलवे ने पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सर्विस को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद 14 मई को रेलवे ने सभी पुराने रिजर्वेशन को रद्द कर दिया था. हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने हजारों की संख्या में श्रमिक स्पेशल ट्रेन भी चलाया और लाखों प्रवासी मजदूरों व कामगारों को उनके घर तक पहुंचाया. फिलहाल रेलवे सिर्फ 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही है. इन ट्रेनों के लिए यात्री 120 दिन पहले टिकट बुक करवा सकते हैं. रेलवे द्वारा इन ट्रेनों में यात्रा के लिए के लिए कई प्रकार की गाइडलाइन भी जारी की गई है.
Ministry of Railways has decided that all train tickets booked on or prior to 14th April 2020 for the regular time-tabled trains should be cancelled and full refund generated as per provisions contained in the letters issued earlier.
रेलवे ने उन यात्रियों को भी पूरा पैसा रिफंड करने का फैसला किया है जो किसी भी कारण वश यात्रा नहीं करना चाहते. अगर ट्रेन कैंसिल नहीं होती है और यात्री अपना टिकट कैंसिल कर देते हैं तो इस स्थिति में भी यात्री को पूरा पैसा रिफंड मिल जाएगा. यह नियम रेलवे काउंटर से बुक टिकट और ई-टिकट, दोनों के लिए मान्य है.
यही नहीं, काउंटर से बुक किए गए टिकट को पैसेंजर चाहे तो 139 और IRCTC की वेबसाइट से भी कैंसिल करवा सकता है. इस स्थिति में भी वो यात्रा के अगले 6 महीनों में कैंसिल किए गए टिकट का रिफंड ले सकता है. इसमें भी ई-टिकट का रिफंड डायरेक्ट यात्री के अकाउंट में हो जाएगा और काउंटर टिकट का रिफंड रेलवे काउंटर से जाकर ले सकेंगे.

