नए महीने यानी 1 जुलाई से कई नियम बदल जाएंगे. इस बदलाव के बाद आम लोगों को मिलने वाली मोहलत या सुविधा कम हो जाएगी और जेब पर बोझ बढ़ेगा. ऐसे में आइए विस्तार से इसके बारे में जानते हैं..

अटल पेंशन की मोहलत खत्म
अगर आप अटल पेंशन योजना से जुड़े हैं तो आपको किस्त पर मिली मोहलत की डेडलाइन खत्म हो गई है. दरअसल, कोरोना संकट की वजह से सरकार ने अप्रैल महीने में ऑटो डेबिट की सुविधा को रोक दिया था. ऐसे में लोगों के पैसे बैंक अकाउंट से नहीं कट रहे थे. अब इस सुविधा की मियादी पूरी होने की वजह से एक बार फिर ऑटो डेबिट के जरिए किस्त में कटौती होगी.

एडवांस पीएफ विदड्रॉल
कोरोना संकट में कैश की किल्लत दूर करने के लिए सरकार ने एक नियम में बदलाव किया था.इस बदलाव के तहत कोई भी उपभोक्ता अपने ईपीएफ खाते के 75 फीसदी राशि या 3 महीने की बेसिक सैलरी (बेसिक+DA) में से जो कम हो उतनी राशि निकाल सकता है.

क्लेम करने पर खाते में तीन दिन के भीतर पैसे आ जा रहे थे. हालांकि, ये सुविधा सिर्फ तीन महीने के लिए थी. मतलब इसकी मियाद 30 जून को खत्म हो गई है. अब 1 जुलाई से इस सुविधा के जरिए अप्लाई नहीं किया जा सकेगा.

ATM से पैसे निकालने पर चार्ज
बीते मार्च महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगले तीन महीने तक ATM से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. इसका मतलब है कि यह है कि आप किसी भी बैंक से जितनी बार चाहें उतनी बार, जितना चाहें उतनी रकम निकाल सकते हैं.
लेकिन इस सुविधा की मियाद 30 जून को पूरी हो गई है. बता दें कि सामान्य तौर पर दूसरे बैंक के एटीएम से एक निश्चित संख्या तक ही पैसे निकाले जा सकते हैं, उसके बाद निकासी पर चार्ज लगता है.

मिनिमम बैलेंस की सुविधा
इसी तरह, निर्मला सीतारमण ने मार्च महीने में कहा था कि अगले तीन महीने तक बैंक मिनिमम बैलेंस ना रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाएंगे. अब इस राहत की भी मियाद पूरी हो गई है.
देश के अधिकतर निजी और सरकारी बैंक एक बार फिर मिनिमम चार्ज वसूलेंगे. हालांकि, एसबीआई ने पहले से ही सभी सेविंग अकाउंट पर न्यूनतम बैलेंस की बाध्यता को खत्म कर रखा है. एसबीआई की इस नई सुविधा का लाभ ग्राहकों को मिलता रहेगा.

