राजस्थान : राजस्थान के राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक और पूर्व ओलंपियन डॉ. कृष्णा पूनिया। को राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह सुरक्षा सीआईडी (सुरक्षा) के एसपी की रिपोर्ट पर उपलब्ध करवाई है। विधायक कृष्णा पुनिया को यह सुरक्षा उनके जीवन को खतरा देखते हुए दी गई है।
राज्य सरकार ने चूरू एसपी को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करवाने के आदेश जारी किए। आदेशों का पालन कर एसपी ने विधायक पूनिया की सुरक्षा में दो एएसआई सहित 35 पुलिसकर्मी लगाए हैं।
आदेश मिलने के बाद एएसआई व पुलिस के जवान शनिवार शाम विधायक के आवास पहुंचे। एसपी चूरू की तरफ से जारी किए आदेश में विशिष्ट शासन सचिव गृह विभाग व उप महानिरीक्षक पुलिस (सुरक्षा) के पत्र का हवाला देते हुए उल्लेख किया है कि सादुलपुर विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया के जीवन को खतरे के तहत वर्तमान में राउंड द क्लॉक पीएसओ कुल 3 की सुरक्षा दी हुई थी।
एसपी सीआईडी (सुरक्षा) जयपुर के पत्र के अनुसार विधायक की सुरक्षा को खतरों के संबंध में प्राप्त आसूचना के क्रम में सुरक्षा में अभिवृद्धि कर उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा व उनके पति द्रोणाचार्य अवाॅर्डी कोच वीरेंद्र पूनिया की सुरक्षार्थ दो पीएसओ की सुरक्षा उपलब्ध करवाई है। उल्लेखनीय है कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।
जेड श्रेणी सुरक्षा पाने वाली जिले की पहली व राजस्थान की दूसरी विधायक
सादुलपुर विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया प्रदेश की दूसरी राजनेता हैं, जिन्हें सरकार द्वारा जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। राजस्थान में उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। अब प्रदेश में डॉ. कृष्णा पूनिया दूसरी राजनेता हैं, जिन्हें यह सुरक्षा मिली है। जिले में पहली बार किसी राजनेता को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
विधायक की सुरक्षा के तहत 2 एएसआई सहित 35 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एस्कॉर्ट के लिए 12 पुलिसकर्मी। 3 ड्राइवर व डबल गार्ड में 10 पुलिसकर्मी। 6 पीएसओ और दो वाचर्स मैन (सिविल वर्दी)। विधायक कृष्णा पुनिया के पति द्रोणाचार्य अवाॅर्डी कोच वीरेंद्र पूनिया की सुरक्षा के लिए दो पीएसओ लगाए हैं।
इनकी महीने की सेलेरी औसतन 16.55 लाख रुपए बनती है। एस्कार्ट के रूप में तीन गाड़ियां के खर्च सहित प्रति महीने 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। वहीं राज्य सरकार की तरफ से किसी को निजी स्तर पर जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने पर एक एएसआई का रोज का 7 हजार रुपए, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल का 6500 रुपए तय है। इस हिसाब से महीने का 68.55 लाख रुपए खर्चा बैठता है।
राजगढ़ एसएचओ विष्णुदत्त विश्नोई द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के नाम से बनी फेसबुक आईडी पर बिना किसी नाम से धमकी दी गई थी। फेसबुक आईडी पर लिखा गया था कि एसएचओ विश्नोई की मौत के जिम्मेदार तैयार रहें।
एसएचओ की मौत के बाद वायरल हुई एक वाॅट्सएप चेट में एसएचओ विश्नोई द्वारा विधायक के प्रेशर की बातें सामने आई थी। हालांकि विधायक ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन लॉरेंस के नाम से बनी फेसबुक आईडी पर दी गई धमकी से मामला गंभीर हो गया था।
विधायक कृष्णा पुनिया ने कहा- “मुझे व्यक्तिगत फोन पर कोई धमकी नहीं मिली। सीआईडी को इनपुट मिलने पर राज्य सरकार की तरफ से जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।”


