फरीदाबाद: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज यूपी सड़क पर सुबह हुए हादसे में मरने वाले टूरिस्ट बस चालक राजेंद्र यहां गांव खेड़ीकलां निवासी थे। उनके भतीजे नरवीर सिंह ने बताया कि चाचा राजेंद्र पहले स्कूल बस चलाते थे। कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद हैं, ऐसे में उनकी ड्यूटी छूटी हुई थी। गांव का युवक प्रेम दिल्ली में टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी में काम करता है। उसने राजेंद्र को टूरिस्ट बस चलाने का मश्विरा दिया। राजेंद्र को बात जंच गई। आठ-दस दिन पहले ही राजेंद्र ने दिल्ली की टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी में बस चालक के तौर पर ड्यूटी जॉइन की। पहली बार वे टूरिस्ट बस चला रहे थे। बस लेकर बिहार गए थे। प्रेम भी साथ था। वहां से लौटते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसा हो गया।
जिसमें पांच अन्य सहित राजेंद्र की भी मौत हो गई। वहीं प्रेम घायल हो गए। राजेंद्र के परिवार में तीन बच्चे हैं। वह आठ दिन पहले घर से टूरिस्ट बस पर जाने के लिए निकला था। शनिवार शाम को उसकी पत्नी अनीता से बात हुई थी। तब उसने रविवार शाम तक घर लौट आने की बात कही थी। मगर रविवार सुबह उसकी मौत की खबर पहुंच गई। खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए कन्नौज यूपी रवाना हो गए।
