परिचय
नाम : गोपाल शर्मा
जन्म : बल्लभगढ़ में 13 अक्टूबर-1965
शिक्षा : बीए, एलएलबी
राजनीतिक जीवन : वर्ष 1987 से भाजपा के सक्रिय सदस्य
-1990 में भाजपा के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष
-2007 में पहली बार भाजपा के जिलाध्यक्ष
-2013 में पार्टी के मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक
-एक जनवरी 2016 को दूसरी बार जिलाध्यक्ष बने।
रुचियां : अध्यात्मिक साहित्य पढ़ने में रुचि, धार्मिक स्थलों की यात्रा करना। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर गोपाल शर्मा पर ही विश्वास जताते हुए उन्हें तीसरी बार जिले के संगठन की कमान सौंपी है। यह उनका लगातार दूसरा कार्यकाल होगा। गोपाल शर्मा पहली बार वर्ष 2007 में भाजपा जिलाध्यक्ष बने थे। दूसरी बार उन्हें एक जनवरी-2016 को यह जिम्मेदारी दी गई, जो अब तक जारी थी। हालांकि पिछले दिनों जैसे प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने संकेत दिए थे, तब यह संभावनाएं प्रबल हो गई थी कि इस बार औद्योगिक जिले में अध्यक्ष के रूप में नया चेहरा होगा, पर पार्टी ने फिर उन्हें ही यह जिम्मेदारी सौंपना ठीक समझा। तीसरी बार सौंपे जाने की विशेष वजह यह मानी जा रही है कि गोपाल शर्मा की छवि निर्विवाद रही है और पार्टी की गुटबाजी से हमेशा दूर रहे हैं। दैनिक जागरण के मुख्य संवाददाता सुशील भाटिया ने भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा से उन्हें मिल रही लगातार बधाइयों के बीच बातचीत की, प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश:- -सबसे पहले तो आपको बधाई, साथ ही सवाल यह कि जैसे आपके प्रदेशाध्यक्ष ने भी संकेत दिए थे कि दो बार रह चुके जिलाध्यक्षों को इस बार शायद जिले की कमान न सौंपी जाए, ऐसे में आपका नाम चौंकाने वाला है, आप स्वयं कितने आशान्वित थे?
बधाई के लिए धन्यवाद, जहां तक फिर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने की बात है, तो इसके लिए हमारे प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, शीर्ष व प्रदेश नेतृत्व सहित जिले के सभी विधायकों व मंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। मुझे पूरी आशा थी कि जिस तरह से जनवरी-2016 से अब तक अपने देवतुल्य कार्यकर्ताओं को साथ लेकर ईमानदारी व समर्पित भाव से पार्टी की मजबूती के लिए काम किया है, मुझे पार्टी फिर एक बार जिम्मेदारी देगी। -बहुत से कार्यकर्ताओं में, पार्टी पदाधिकारियों में इस बात को लेकर मायूसी व निराशा भी है कि बार-बार वही चेहरा क्यों। उनका नंबर कब आएगा, क्या कहेंगे?
देखिए, सभी की यह इच्छा होती है कि वो आगे बढ़ कर काम करे। सभी क्षमतावान हैं, परंतु संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है, वो सोच-समझ कर ही दी है। बाकी अब जब एक बार अध्यक्ष नियुक्त हो जाते हैं, तो फिर सब एक होकर पार्टी की मजबूती के लिए उसी दिन से काम में जुट जाते हैं। अब कोई निराश नहीं है। -अब आपका अगला कदम क्या होगा?
हमारा काम व दायित्व हमेशा से संगठन की मजबूती का रहा है। संगठन की मजबूती की बदौलत ही आज हमारी पार्टी की केंद्र में व प्रदेश में सरकार है। पार्टी के साथ और ज्यादा से ज्यादा लोग जोड़ने की दिशा में नए जोश के साथ हमारा काम आज से ही शुरू हो गया है। आपकी पार्टी आम आदमी को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा करती है, पर ऐसा हो नहीं पाता, क्यों?
ऐसा नहीं है, बल्कि हमारी पार्टी व सरकार जो कहती है, वही करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में और प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में जनकल्याणकारी नीतियों के साथ योजनाएं बनी हैं। उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रशासन में सिगल विडो सिस्टम शुरू हुआ है। पात्र व्यक्तियों के खाते में सीधे पेंशन की राशि पहुंच रही है। हर काम में पारदर्शिता आई है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। फिर भी कहीं कमी है, तो संगठन के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उनकी पड़ताल करेंगे और सरकार तक बात पहुंचाएंगे।
