फरीदाबाद : वर्ष 2006 में जिला अदालत परिसर में पार्किंग को लेकर वकीलों के दो पक्षों में हुए गोलीकांड के मामले को सुलझाने के मकसद से रविवार को पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के फार्म हाउस पर अहम पंचायत हुई। छह घंटे तक चली पंचायत में दोनों तरफ से गिले-शिकवे हुए और अंतत: पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर पूर्व मंत्री करण दलाल ने वकील ओपी शर्मा को उनकी गलती मानने के लिए कहा। इस पर ओपी शर्मा ने पंचायत के आदेश को शिरोधार्य रखकर अपनी गलती मानते हुए क्षमा मांगी। इसका सभी ने स्वागत किया। मामले का पूरी तरह से पटाक्षेप करने के मकसद से इसके दूसरे चरण में मंगलवार को जिला बार में दोनों पक्षों के बीच भाईचारा स्थापित करने को बैठक होगी। मामले में चार वकीलों को हुई थी सजा।

यह मुकदमा 31 मार्च 2006 को वकील राकेश भडाना (वर्तमान में नगर निगम पार्षद) की शिकायत पर सेंट्रल थाने में दर्ज हुआ था। शिकायत कैंटीन और पार्किंग को लेकर वकीलों के दो गुटों में झगड़ा के संदर्भ में थी। एक गुट के वकीलों ने फायरिग कर दी। वकील राकेश भडाना को जांघ में गोली लगी थी। 14 साल तक चले मुकदमे में इसी वर्ष 12 मार्च को चार वकीलों में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ओपी शर्मा, एलएन पाराशर, गौरव शर्मा (ओपी शर्मा के पुत्र) और कैलाश वशिष्ठ को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग की अदालत ने दोषी मानते हुए छह वर्ष की सजा सुनाई थी। पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप थे दोनों पक्षों में सुलह कराने के पक्ष में
ब्राह्मण समाज और अन्य वर्गों के प्रतिनिधियों के अनुरोध पर पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने इस मामले को दोनों पक्षों की सहमति लेकर पंचायत स्तर पर निपटाने की पहल की। रविवार को पुलिस सुधार आयोग के पूर्व चेयरमैन एचएस राणा की अघ्यक्षता में आयोजित पंचायत में पूर्व मंत्री करण दलाल, पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, भाजपा नेता टिपर चंद शर्मा, कांग्रेस नेता विजय प्रताप सिंह व सुमित गौड़, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी मौजूद थे।
