कोच्चि : केरल सरकार के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग ने दो मामले दर्ज किए हैं। दरअसल, राज्य सरकार ने राजनयिक चैनल के माध्यम से अपने निजी इस्तेमाल के लिए कथित तौर पर यूएई से आयातित 18 हजार किलोग्राम खजूर और पवित्र कुरान की खेप को स्वीकार किया था। वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी

बता दें कि इस मामले में अन्य कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच शुरू हो गई है, जिन्होंने कानून का कथित रूप से उल्लंघन किया है। सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने निजी उपयोग के लिए 2017 में तिरुवनंतपुरम में यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों द्वारा आयातित 18,000 किलोग्राम के खजूर को स्वीकार किया गया था। वहीं इसी तरह यूएई वाणिज्य दूतावास द्वारा 2020 में आयातित पवित्र कुरान की खेप भी राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा स्वीकार की गई थी।
अधिकारियों का कहाना कि ये सीमा शुल्क अधिनियम के उल्लंघन के स्पष्ट मामले हैं क्योंकि राज्य सरकार ने कर छूट प्रमाणपत्र के जरिए अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए राजनयिकों द्वारा लाई गई वस्तुओं को स्वीकारा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के अधिकारी अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें विदेशी सरकार से कुछ भी लेने से मना किया गया है इसके बाद भी यूएई के अधिकारियों ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए कुछ वस्तुओं का आयात किया और राज्य सरकार ने उन वस्तुओं को कुछ स्थानों पर वितरण के लिए स्वीकार कर लिया।
अधिकारियों ने दावा किया कि ये सीमा शुल्क अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत उल्लंघन का मामला है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों, जिन्होंने इन वस्तुओं को कुछ स्थानों पर वितरित करने हेतु उपहार के रूप में स्वीकार किया था, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा जाएगा।
