फरीदाबाद : करीब 100 साल पहले आगरा व गुरुग्राम नहर पर बना बडोली का पुल का बीच में से एक हिस्सा सोमवार सुबह भरभरा कर गिर गया। शुक्र रहा कि इससे कुछ ही क्षण पहले पुल के दोनों ओर से आवागमन बंद कर दिया गया था, जिसकी वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया। अभी पुल का एक और हिस्सा भी गिरने की कगार पर है। यह हिस्सा टेड़ा हो गया है। बडोली पुल की समय पर मरम्मत न होने की वजह से पुल इतना जर्जर है कि इससे चौपहिया वाहनों की इंट्री बंद कर दी गई है। कई बार गांव के लोगों ने अधिकारियों को शिकायतें भी की हैं। इससे पहले भी दो-तीन बार पुल के छोटे-छोटे हिस्से गिरते रहे हैं।

पुल का हिस्सा गिरता देखने वाले चश्मदीद रामबीर ने बताया कि सुबह जैसे ही पुल में दरार आई, तुरंत दोनों ओर बल्लियां लगाकर आवागमन बंद कर दिया था। रामबीर व इसके साथी मजदूरों ने पुल गिरते हुए देखा। मौके पर पुलिस व सिंचाई विभाग के कुछ कर्मचारी पहुंच गए थे। बता दें जर्जर पुल की बराबर में 12 करोड़ रुपये की लागत से एक और पुल बनाया जा रहा है, लेकिन इसे बनने में कम से कम छह से आठ माह लगेंगे। इस दौरान पुल के दूसरी ओर रहने वाले लोगों को बीपीटीपी या फिर सेक्टर-3-8 वाले पुल से लंबा चक्कर लगाकर बाईपास पर आना पड़ेगा।
बता दें कि बड़ौली गांव के पास आगरा व गुड़गांव नहर पर बना पुराना पुल जर्जर हो चुका था, इसलिए यहां पर नया टु लेन पुल बनाया जाना है। हरियाणा सिंचाई विभाग लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गुरुगाम नहर पर पुल बनाने का काम पूरा कर चुका है। गौरतलब है कि आगरा नहर पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का अधिकार है। ऐसे में पुल का निर्माण यूपी सरकार ही करेगी। बड़ौली गांव में आगरा नहर पर पुल बनाने के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हरियाणा सिंचाई विभाग यूपी सिंचाई विभाग को 4 करोड़ रुपये दे भी चुका है। इस पुल के बन जाने से ग्रेटर फरीदाबाद के मास्टर रोड की बाईपास रोड से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। पुल का सबसे अधिक लाभ बड़ौली, नहरपार बसी हुई सोसायटियों को होगा।
बता दें बड़ौली गांव के नाम से गुरुग्राम व आगरा नहर पर बना पुल जर्जर हो चुका है। यह अंग्रेजों के जमाने का पुल है। समय पर मरम्मत न होने की वजह से पुल इतना जर्जर है कि इससे चौपहिया वाहनों की इंट्री बंद कर दी गई है। कई बार गांव के लोगों ने इस बाबत अधिकारियों को शिकायतें भी की हैं। पुल बनने के बाद लोगों को बीपीटीपी पुल से घूमकर नहीं आना पड़ेगा।
