फरीदाबाद : फरीदाबाद के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि इस प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार द्वारा अरबों रूपए अभी तक उपलब्ध करवा दिए गए है किंतु फरीदाबाद की सूरत अभी भी बदसूरत बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे है, सीवर लाईन चोक पड़ी है, स्लम क्षेत्रों में टॉयलेट तक नहीं है। अलबत्ता स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की धनराशि को अपनी जेबों में भरकर मामा-भांजे व कुछ जनप्रतिनिधि अवश्य स्मार्ट बन गए है।

श्री भड़ाना गांव अनंगपुर स्थित अपने निवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। फरीदाबाद की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए श्री भड़ाना ने कहा कि उनके कार्यकाल में फरीदाबाद की कायाकल्प करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम किया गया किंतु पिछले 6 साल में वर्तमान सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने एक भी प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। जहां तक बात स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की है तो इस प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराने में कोई कसर बाकि नहीं छोड़ी गई है किंतु इस प्रोजेक्ट का पैसा मामा-भांजे, अधिकारियों व कुछ जनप्रतिनिधियों की जेबों में चला गया। हालात यह है कि फरीदाबाद में हालात बदहाल है तथा मामा-भांजे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों स्मार्ट हो गए। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर भी आम आदमी को भ्रमित किया जा रहा है, आम आदमी को इस बीमारी से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठवाए गए और आम आदमी को मरने के लिए छोड़ दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामा-भांजे का कुल मिलाकर ध्यान शहर के विकास की बजाए उगाही पर ज्यादा रहता है, आज शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है तथा कुछ राजनेता भू माफियाओं के साथ सांठगांठ कर लोगों की जमीनों पर कब्जा करने में लगे हुए है। 26 गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल करने के निर्णय का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में पूर्व में जो गांव जोड़े गए थे, उनमें विकास कार्य तो छोड़ो अभी तक झाडू तक नहीं लग पाई गई है, इन गांवों की अकूत संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से निगम क्षेत्र में शामिल करवाया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर फरीदाबाद की भोलीभाली जनता को लुटना न बंद किया गया तो वह सड़कों पर उतरकर आम आदमी के हितों की रक्षा करेंगे।
