अमृतसर. संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके कृषि विधेयक के खिलाफ किसान अब सड़क पर उतर आए हैं. कृषि बिल (Farms Bills) का सबसे ज्यादा विरोध में देखने को मिल रहा है. शुक्रवार को भारत बंद के बाद पंजाब में किसान रेल रोको आंदोलन अब भी जारी है. अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक पर डेरा डाले हुए हैं. किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने जल्द से जल्द कृषि बिल के तीनों विधेयक को वापस नहीं लिया तो ये लड़ाई और आगे जाएगी.

ता दें कि को अब तीन दिन और आगे बढ़ाने का फैसला किया है. रेल रोको आंदोलन की शुरुआत 24 सितंबर से की गई थी, जिसे आज 26 सितंबर तक चलना था, लेकिन अब इस आंदोलन को 29 सितंबर तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि केंद्र के इस फैसले से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा. रेल रोको आंदोलन का असर अब रेलवे के परिचालन पर दिखने लगा है. किसान आंदोलन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने तीन ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द करने का फैसला ले लिया है, जबकि 20 विशेष ट्रेनों को रोक दिया गया है. मुंबई सेंट्रल से अमृतसर तक चलने वाली ट्रेन गोल्डन टेंपल स्पेशल को अंबाला कैंट तक ही चलाने का फैसला लिया गया है. वहीं 27 सितंबर को इस ट्रेन की वापसी भी अमृतसर की जगह अंबाला कैंट से होगी. न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर तक चलने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस को अंबाला कैंट तक चलाने और यहीं से वापसी का फैसला लिया गया है.
बांद्रा टर्मिनस से अमृतसर स्पेशल-अंबाला कैंट तक चल रही है और यहीं से वापसी होगी. नांदेड़ से अमृतसर-सचखंड एक्सप्रेस पिछले 4 दिनों से नई दिल्ली तक ही चल रही है और 26 तारीख तक यहीं से वापसी की योजना बनाई गई है. जयनगर से अमृतसर तक चलने वाली शहीद एक्सप्रेस 25 सितंबर को अंबाला कैंट तक चलेगी और यहीं से वापसी भी होगी
इन तीन बिलों पर मचा है बवाल, पीएम दे चुके हैं आश्वासन
केंद्र द्वारा बीते हफ्ते पास किए गए तीन बिलों में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा करार, आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक शामिल है.
