फरीदाबाद : प्रदूषण की रोकथाम के लिए फरीदाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हुए एक सप्ताह का समय बीत चुका है, मगर प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बुधवार को भी जिले में हवा में प्रदूषक तत्व पीएम-2.5 का स्तर 302 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया, जोकि देशभर में सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे नंबर पर रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से बुधवार को जारी की गई देश के 112 शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की सूची में अत्यधिक प्रदूषित शहरों में फरीदाबाद तीसरे नंबर पर रहा। वहीं चार दिन से देशभर में प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर रहे बल्लभगढ़ की स्थिति में बुधवार को सुधार देखने को मिला। 32 अंकों की कमी के बाद 295 एक्यूआई दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बुधवार को जारी सूची में बागपत सबसे प्रदूषित शहर बताया गया। यहां पीएम 2.5 का स्तर 325 दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर भिवाड़ी, जहां पीएम 2.5 का स्तर 308 दर्ज किया गया। तीसरे नंबर पर फरीदाबाद रहा है। यहां पीएम 2.5 का स्तर 302 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि अभी तक हवा चलने की स्थिति में प्रदूषण का स्तर कम बना हुआ है। एक-दो दिनों में हवा की गति कम हो सकती है, जिसके बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ेगा। हवा के नहीं चलने से प्रदूषित कण एक जगह रुक जाते हैं और इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है।

अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान देश भर में फरीदाबाद व बल्लभगढ़ की स्थिति लगातार खराब होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में नियमों को ताक पर रख कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। बिजली कटौती होने पर जनरेटर लगातार चल रहे हैं। सड़कों पर जगह-जगह बिना ढके निर्माण सामग्री पड़ी है, मगर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सड़कों पर करवाया पानी का छिड़काव बल्लभगढ़ क्षेत्र में सड़क किनारे धूल को उड़ने से रोकने के लिए टैंकरों से पानी का छिड़काव करवाया गया। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों से पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया गया। बल्लभगढ़ के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में प्रदूषण रोकथाम के लिए काम करें। आदेशों की अनदेखी करने पर नगर निगम सहित अन्य विभागों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
