फरीदाबाद : कोरोना महामारी के मद्देनजर जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद विषम सेमेस्टर की री-अपीयर सहित सभी लिखित परीक्षाएं 21 दिसम्बर, 2020 से ऑनलाइन मोड में आयोजित करने जा रहा है। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा कार्यक्रम घोषणा कर दिया है, जिसके अनुसार सभी पाठ्यक्रमों में पहले सेमेस्टर तथा बीटेक एवं एमसीए के तीसरे सेमेस्टर को छोड़कर विषम सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं 21 दिसम्बर से आॅनलाइन मोड में आयोजित होगी। शेष सभी पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर तथा बीटेक एवं एमसीए के तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा कार्यक्रम बाद में जारी किया जायेगा।
#JC Bose University to conduct Online Examination Artificial Intelligence Techniques will be used for e-Surveillance

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. राजीव सिंह ने बताया कि ऑनलाइन मोड की परीक्षा प्रक्रिया से विद्यार्थियों को परिचित करवाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र और डेमो टेस्ट भी आयोजित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए विद्यार्थियों को अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ वेब कैमरा सक्षम कंप्यूटर या लैपटॉप या टैबलेट या मोबाइल फोन की आवश्यकता होगी। हालांकि, जिन विद्यार्थियों के पास इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ कंप्यूटर या लैपटॉप या टैबलेट या मोबाइल की सुविधा नहीं है, उन्हें ऑनलाइन परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए विश्वविद्यालय या संबंधित संस्थान में जाकर परीक्षा देने का विकल्प होगा। ऐसे मामलों में विद्यार्थी को पहले सूचना देनी होगी ताकि उचित व्यवस्था की जा सके। मोबाइल द्वारा परीक्षा का विकल्प रखने वाले विद्यार्थियों को गूगल प्ले या आईओएस स्टोर से “HireMee Online Assessment platform” ऐप डाउनलोड करना होगा। ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विषयों के प्रश्न-पत्र में केवल बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) होंगे। प्रश्न पत्र में पूरे सिलेबस पर आधारित 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें एक घंटे के भीतर हल करना होगा। आनलाइन परीक्षा देने के इच्छुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण लिंक पर अपना विवरण दर्ज करवाना होगा। संबद्ध कालेजों के विद्यार्थियों को अपना पंजीकरण एवं विवरण अपने संबंधित संस्थानों के माध्यम से ही करवाना होगा।परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर नजर रखने के लिए ई-प्रॉक्टरिंग सुविधा का उपयोग किया जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से ई-सर्विलांस की जायेगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग होगा। इसके साथ-साथ ऑनलाइन निरीक्षकों द्वारा भी परीक्षाओं पर नजर रखी जायेगी।
