फरीदाबाद : हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के होटल राजहंस यूनिट स्तर के चुनाव राज्य चैयरमेन सुरेश नोहरा, राज्य प्रधान मित्रपाल राणा व राज्य वरिष्ठ उपप्रधान राजबीर गिरी व महासचिव युद्धवीर सिंह खत्री की देखरेख पदाधिकारियों में मुरारी लाल को दोबारा तीन साल के लिए प्रधान, ठाकुर सिंह पंवार को सचिव, सत्यवान व धर्मपाली को उपप्रधान, रमेश शर्मा को कैशियर, गजेन्द्र को आडिटर, प्रहलाद बघेल को प्रैस सचिव संगीत को संगठन सचिव, उमेश कुमार को कार्यालय सचिव सर्व सहमति से चुन लिया गया वहीं लेकविव्यू लेक पर जिले सिंह को प्रधान, सुभाष कुमार को सचिव, कोषाध्यक्ष देवराज खटाना, उपप्रधान सोदोन को सर्व सहमति से चुन लिया गया।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राज्य चैयरमेन सुरेश नोहरा व राज्य प्रधान मित्रपाल राणा ने कहा कि हरियाणा पर्यटन निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का बकाया 50 प्रतिशत एरियर व हाऊस रेंट देना दूर पर्यटन निगम के 44 पर्यटन केन्द्रों में से 32 को दो से छः महीने का वेतन नहीं मिला है जबकि मुख्यालय चण्डीगढ के कर्मचारियों, अधिकारियों को अप-टू-डेट मिल रहा है जहां पर राजस्व इन्हीं पर्यटन स्थलो से जाता है। हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ ने पर्यटन प्रशासन व पर्यटन मंत्री के संज्ञान में पत्र लिखकर, व्यक्तिगत मिलकर, प्रदर्शन कर के बार-बार ला चुके हैं फिर भी कर्मचारियो का फील्ड में महरोली नर्सरी में दो माली एक जेई का वेतन जुलाई के बाद का 6 महीने बकाया है धनचेरी, मैगपाई, बड़खल झील, शमां गुरुग्राम, पेलिकन सुल्तानपुर, माता मनसा देवी जटायू यात्री निवास 5 महीने, सैण्डपाईपर रेवाड़ी, जंगल बैबलर धारुहेड़ा,होटल राजहंस, सनबर्ड मोटल, डिजाइन गैलरी, सूरजकुंड, डबचिक होडल, एथनिक इण्डिया राई, ब्ल्यू बर्ड हिसार,बुलबुल जींद,कर्ण लेक करनाल,निलकण्ठी यात्रिका निवास कुरुक्षेत्र, ग्रेपालीकन यमुनानगर, पिंजौर गार्डन, पपिहा फतेहाबाद, किंगफिशर अम्बाला, समालखा, की सितंबर 2020, के बाद 16 पर्यटन स्थल 5 महीने, नाहर सिंह महल बल्लभगढ़, ओएसिस करनाल, फ्लेमिंगो हिसार, बारबट, सोहना का अक्टूबर 2020 के बाद 4 महीने,हरमिटेजहटस, सिकरा आशा खेड़ा, सुरखाब सिरसा, स्काई लार्क पानीपत,मैना रोहतक लेकविव्य, अरावली गोल्फ क्लब का दिसम्बर 2020 के बाद दो महीने का वेतन बकाया है। हरियाणा पर्यटन निगम में केवल 12 पर्यटन केन्द्रों पर ही समय पर वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों को नियमित वेतन न मिलने से कर्मचारियों को बच्चों की स्कूल, कालेज की फीस, बैंक लोन, दूधिया,राशन व दैनिक व्यवहार में गुजारा करने में बड़ी कठीनाई का सामना करना पड़ रहा है सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वेतन कर्मचारी का मौलिक अधिकार बताकर इसे से उसको वंचित नहीं किया जा सकता है इसलिए ब्याज सहित वेतन दिया जाए व दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों की उच्च न्यायालय दिल्ली ने फैसला करते हुए कहा है कि कर्मचारी को वेतन न मिलने पर उसकी गुणवत्ता में कमी आती है। धन की कमी से जूझ रहे कर्मचारियों को वेतन नियमित निर्धारण करते हुए दिया जाए। प्रशासन, सरकार से मदद लें कर्मचारी को समय-समय पर वेतन देने का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि शीघ्र फरीदाबाद में राज्य कमेटी पदाधिकारियों की बैठक कर राज्य स्तर का आन्दोलन की घोषणा की जाएगी।
