अपने ही गांव के दो युवकों की छेड़खानी से परेशान होकर एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इससे युवती की हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामल भिवानी के बवानीखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। फिलहाल पुलिस ने युवती के भाई के बयान पर आरोपित हितेश जाखड़ व योगेश के खिलाफ युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने व जान से मारने की धमकी देने व एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
मृतका के भाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह बारहवीं कक्षा में पढ़ता है। उसकी बहन बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उसकी बहन को गांव के ही योगेश व हितेश कई दिनों से कॉलेज आते-जाते समय परेशान करते थे। उसकी बहन ने घर आकर बताया तो उसके पिता ने आरोपितों के घर जाकर उन्हें समझाया। आरोपितों ने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसी हरकतें न करने का आश्वासन दिया। कुछ दिनों के बाद दोनों आरोपितों ने उसकी बहन के साथ फिर से छेड़खानी शुरू कर दी। 17 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे युवकों को टोका गया तो उन्होंने बस स्टैंड बवानीखेड़ा पर फिर से माफी मांग ली। बाद में योगेश ने उसकी बहन को जातिसूचक शब्द कहे और परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। वीरवार शाम को उसकी बहन ने आरोपित योगेश व हितेश की छेड़खानी से परेशान होकर घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। वे उसे उपचार के लिए महम गेट भिवानी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। यहां से उसे गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां उपचार के दौरान वीरवार को उसकी मौत हो गई। युवती अनुसूचित जाति से संबंध रखती है। उसने अपने भाई को ये बात बताई तो उसके भाई ने युवकों का विरोध करते हुए उन्हें छेड़खानी करने से रोका। इस पर 21 फरवरी की शाम मंढ़ाणा चौक पर कुछ नकाबपोश युवकों ने उसे घेरकर मारपीट की। उसकी बाइक भी तोड़ दी। बवानी खेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि छेड़खानी जैसी पीड़ित पक्ष की ओर से पहले कोई शिकायत नहीं आई थी। केवल मारपीट की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत में पीड़ित ने गांव के ही एक युवक पर शक जाहिर किया था। जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से छेड़खानी व लड़की द्वारा जहर खाकर जान देने की बात सामने आई तो तुरंत पुलिस ने कार्रवाई आरंभ कर दी है। पुलिस ने आरोपित युवकों खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का केस दर्ज कर लिया है।
