तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन को पूरे 100 दिन हो गए हैं। इसी बीच किसानों की मौत का सिलसिला भी रूकने का नाम नहीं ले रहा हैं। बता दें कि ताजा मामला बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर का हैं। जहां पर एक और किसान ने आत्महत्या कर ली। मृतक किसान की पहचान हिसार जिले के सिसाय निवासी किसान राजबीर के रूप में हुई है। सुबह किसानों ने टिकरी बॉर्डर के पास खेतों में राजबीर का शव पेड़ पर लटका देखा।
किसान राजबीर सुसाइड नोट भी छोड़कर गया है। राजबीर सिसाय की आत्महत्या की सूचना मिलते ही ग्रामीण टिकरी बॉर्डर पर रवाना हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजबीर सिसाय शुरुआत से ही किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ था। वह आन्दोलन में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा था और पिछले दस दिनों से टिकरी बॉर्डर पर ही था। शनिवार रात को वह अपने गांव के जत्थे से अलग हो गया व खेतों में जाकर फांसी लगा ली। राजबीर ने दो पन्ने के सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार सरकार को ठहराया है। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि सरकार मरने वाली की आखिरी इच्छा पूरी करती है तो मेरी इच्छा ये है कि कृषि कानूनों को रद किया जाए। राजबीर सिंह के एक बेटा व बेटी है।
