फरीदाबाद : फरीदाबाद-पलवल समेत प्रदेश के सभी डिपो में बसों की कमी खत्म हो जाएगी। क्योंकि हरियाणा सरकार वित्त वर्ष 2021-22 में 1800 बसें खरीदने की योजना बनाई है। 31 मार्च तक 400 बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। डिपो में बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को सफर करने में आसानी होगी। यह जानकारी प्रदेश के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा रविवार को अरावली गोल्फ क्लब में सिटी प्रेस क्लब की ओर से आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल का जबाब देते हुए दी।
विभाग की मानें तो बल्लभगढ़ डिपो में अभी 240 बसें और पलवल में 92 बसों की कमी है। यही कारण है कि कई बार दोनों डिपो में पीक आवर्स में यात्रियों को सवारी के लिए जूझना पड़ता है। बल्ल्भगढ़ डिपो में अभी 110 बसें हैं। इनमें से महज 90 बसें ही रोड पर चल रही हैं। 20 बसें खराब पड़ी हैं। जबकि पलवल में कुल 107 बसें हैं लेकिन 78 बसें ही रोड पर चल रही हैं। यहां स्टाफ की कमी से बसें नहीं चल पा रही हैं। बसों की कमी के चलते बल्लभगढ़ और पलवल डिपो पर सुबह-शाम पीकआवर्स में यात्री घंटों खड़े रहते हैं। मजबूरी में उन्हें ऑटो अथवा प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता है।
31 मार्च तक सरकार 400 बसें खरीदेगी
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि मार्च 31 तक 400 बसें खरीदी जा रही है। बाकी 1400 बसें खरीदने के लिए सरकार नए वित्त वर्ष के लिए प्लानिंग की है। इतनी बसों के आने से काफी हद तक परिवहन की समस्या खत्म हो जाएगी। मंत्री ने कहा शाम के वक्त पलवल जाने के लिए जो बसों की दिक्कत है उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा।
पलवल में स्टाफ की कमी, बल्लभगढ़ में बस की
विभागीय अधिकारियों की मानें तो पलवल में 107 बसें बेड़े में हैं लेकिन यहां स्टाफ की कमी के कारण सिर्फ 78 बसें ही चल पा रही हैं। वैसे इस डिपो में मानक के अनुसार कुल 199 बसें होनी चाहिए। बल्लभगढ़ डिपो की बात करें तो यहां 110 बसें हैं लेकिन 90 बसें ही चल पा रही हैं। बड़ा महानगर होने और हजारों की संख्या में यात्रियों की जरूरत के अनुसार डिपो में 350 बसें होनी चाहिए।
पलवल से रोज 20 हजार से अधिक यात्री करते हैं सफर
जानकारी के अनुसार पलवल से फरीदाबाद और बदरपुर बॉर्डर तक रोज 20 हजार से अधिक यात्री किसी न किसी काम से सफर करते हैं। चूंकि कोरोना काल के चलते रेलवे ने शटल ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं किया है। ऐसे में इन यात्रियों को लाने ले जाने में रोडवेज भी सफल नहीं हो पा रही है। रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही से जो पैसा सरकार को मिलना चाहिए वह निजी बसों और ऑटो वालों की जेब में जा रहा है।
महिला दिवस पर हर डिपो से चलेगी महिला स्पेशल
परिवहन मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन सरकार ने हर डिपो से महिला स्पेशल रोडवेज बस चलाने का निर्णय लिया है। इन बसों में कोई पुरुष यात्री सफर नहीं करेगा। इस बारे में प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
