फरीदाबाद : बदलती जीवनशैली के कारण किडनी के मरीज बढ़ रहे हैं। किडनी की बीमारी हो जाए तो ज्यादातर लोग जिंदगी से हताश हो जाते हैं। जबकि सच यह है अगर सही से इलाज कराया जाए और पूरी सावधानी बरती जाए तो किडनी खराब होने के बाद भी मरीज लंबी जिंदगी जी सकते हैं। विश्व किडनी दिवस पर ये बातें वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहीं।
उन्होंने बताया इस साल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व किडनी दिवस की थीम किडनी डिजीज से हम अच्छे ढंग से कैसे जी सकते हैं। डब्ल्यूएचओ ने इस थीम को इस बार रखा है। जबकि वह तो लंबे समय से इसे थीम पर मरीजों का इलाज करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा किडनी फेल्योर एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है। किडनी की बीमारी से ज्यादा उसका डर लोगों को ज्यादा परेशान करता है। किड़नी रोग के दौरान यह भी संभव है कि परहेज करते हुए स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना खाकर स्वस्थ्य और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। इस विषय पर जागरुकता लाने काफी जरूरत है। आमतौर पर देखा गया है कि जैसे ही मरीज को किड़नी से संबंधित बीमारी का पता चलता है। मरीज मानसिक तनाव का शिकार हो जाता है। ऐसे में वह अपने खान-पान की ओर भी ध्यान नहीं दे पाता। साथ ही उसके परिजन भी इस समस्या के शिकार हो जाते हैं।
