पिछले साल दिल्ली के नार्थ ईस्ट में हुए दंगो का मुद्दा आज दिल्ली विधानसभा में गूंजा. सीलमपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक अब्दुल रहमान ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया. रहमान ने कहा कि पुलिस ने दंगों के बाद हुई गिरफ्तारी में एक समुदाय को निशाना बनाया है.
अब्दुल रहमान ने विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि ‘कोरोना महामारी से ठीक पहले सीलमपुर में दंगा हुआ. दिल्ली पुलिस का दंगों के दौरान दोहरा चेहरा देखने को मिला. दंगा करावल नगर में हुआ, शिव विहार और यमुना विहार में हुआ, लेकिन दिल्ली पुलिस ने सीलमपुर, चौहान बांगड़ के लोगों को उठाया. कई निर्दोष युवा अभी भी जेलों में बंद है. इसमें एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया है, जो दोषी हैं उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन जो निर्दोष हैं उन्हें तुरंत जेल से रिहा किया जाना चहिए. अब्दुल रहमान सीलमपुर विधानसभा से आप के विधायक हैं. अब्दुल रहमान के बयान पर नेता विपक्ष रामवीर सिंह विधूड़ी ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप में नही पड़ना चाहिए. बीजेपी का मानना है कि जो भी दंगो में शामिल था चाहे वो किसी भी धर्म का हो, उसकी भरपाई दंगाई से वसूली जानी चाहिए.अब्दुल रहमान नार्थ ईस्ट दिल्ली की सीलमपुर से विधायक हैं. हाल ही में सीलमपुर विधानसभा की चौहान बांगड़ वार्ड में हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस ने ये सीट आप से झटक ली थी. चौहान बांगड़ वार्ड पर हुए उपचुनाव में भी दिल्ली दंगों का मुद्दा उठाया गया था. दिल्ली में निगमों की पांच सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमें आप को सिर्फ इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था. चौहान बांगड़ मुस्लिम बहुल सीट है. बता दें कि फरवरी 2020 में एन्टी CAA प्रोटेस्ट के दौरान नार्थ ईस्ट दिल्ली के मौजपुर, चांद बाग, शिव विहार, यमुना विहार इलाक़ो में सांप्रदायिक दंगे हुए थे जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी.
